खेलों की दुनिया में बड़ा कांड: विंजो (WinZO) पर खेलाडियों को ₹734 करोड़ से अधिक की ठगी का आरोप, ईडी ने दायर किया चार्जशीट
नई दिल्ली, 25 जनवरी 2026 – प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate-ED) ने लोकप्रिय रियल-मनी गेमिंग ऐप WinZO और उसके प्रमोटरों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए ₹734 करोड़ की धोखाधड़ी का आपराधिक मुकदमा (चार्जशीट) एक स्थानीय अदालत में दायर किया है। आरोप है कि कंपनी ने बॉट्स (Bots), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और भ्रामक एल्गोरिदम के माध्यम से गेम को नियंत्रित किया, जिससे असली खिलाड़ियों को भारी वित्तीय नुकसान हुआ।
विस्तृत रिपोर्ट:
प्रवर्तन निदेशालय की बैंगलोर जोनल ऑफिस ने 23 जनवरी को प्रीवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत अभियोजन शिकायत दायर की। आरोपियों में Winzo Pvt. Ltd., उसके निदेशक पावन नन्दा और सौम्या सिंह राठौर, तथा भारत के अलावा विदेशों में पंजीकृत उसकी सहायक कंपनियाँ जैसे Winzo US Inc. (यूएसए), Winzo SG Pte. Ltd. और ZO Pvt. Ltd. शामिल हैं।
WinZO ऐप पर 100 से अधिक गेम उपलब्ध कराए जाते थे और कंपनी ने लगभग 25 करोड़ उपयोगकर्ताओं का दावा किया था, जिनमें अधिकांश खिलाड़ी तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के शहरों से थे। केंद्र सरकार ने अगस्त 2025 में भारत में रियल-मनी गेमिंग ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया था।
कैसे हुआ खेल का गड़बड़ खेल?
- ED के अनुसार गेम को बॉट्स और AI के ज़रिए इस तरह नियंत्रित किया जाता था कि वास्तविक उपयोगकर्ताओं के खिलाफ बॉट प्रोफाइल दिखाई देते थे।
- शुरुआती स्तर पर खिलाड़ियों को छोटे बोनस और आसान जीत से आकर्षित किया जाता था, जिससे वे भरोसा करने लगे।
- जैसे-जैसे खिलाड़ी बड़े दांव लगाने लगे, गेम में मुश्किल बॉट्स को शामिल किया गया, जिससे खिलाड़ियों के पैसे भारी झटक से निकल गए।
- कई मामलों में बड़ी रकम की निकासी (withdrawals) अवरोधित कर दी जाती थी, जिससे खिलाड़ी अतिरिक्त गेम खेलते रहे और नुकसान में डूबते रहे।
धोखाधड़ी का वित्तीय असर:
ED का दावा है कि असली खिलाड़ियों को ऐसे गेम प्रोफाइलों द्वारा ₹734 करोड़ का नुकसान हुआ। इसके अलावा, कंपनी ₹47.66 करोड़ वास्तविक विजेताओं को वापस नहीं लौटाई, जबकि कुल ₹3,522.05 करोड़ अपराध से प्राप्त धन (proceeds of crime) के रूप में उत्पन्न किया गया।
गंभीर सामाजिक प्रभाव:
ED ने यह भी कहा है कि इस तरह की मनमानी गेमिंग संरचना ने उपयोगकर्ताओं पर गंभीर वित्तीय दबाव डाला, खासकर कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि वाले खिलाड़ियों पर, जिसके कारण कुछ लोगों ने मानसिक तनाव और आत्महत्या की प्रवृत्ति तक की रिपोर्ट की।
पिछले कदम और गिरफ्तारी:
पिछले साल ED ने WinZO के कार्यालयों पर तलाशी भी ली थी और निदेशकों नन्दा और राठौर को गिरफ्तार किया था। वर्तमान में राठौर जमानत पर हैं।