मुंगेर विश्वविद्यालय कैंपस निर्माण को लेकर उठी आपत्ति, संघर्ष समिति ने की पुनर्विचार की मांग

जमालपुर, (संवाददाता)। मुंगेर विश्वविद्यालय के कैंपस निर्माण के लिए प्रस्तावित नौवागढ़ी क्षेत्र को लेकर विरोध तेज हो गया है। रविवार को मुंगेर विश्वविद्यालय जमालपुर निर्माण संघर्ष समिति के बैनर तले बराट चौक पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में समिति के संयोजक साईं शंकर, कामरेड मुरारी प्रसाद और चैंबर सदस्य सरदार मन्नी सिंह ने प्रशासन, शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री और राज्यपाल से अपील की कि विश्वविद्यालय कैंपस के निर्माण के लिए नौवागढ़ी क्षेत्र उपयुक्त नहीं है।

संघर्ष समिति के सदस्यों ने तर्क दिया कि नौवागढ़ी क्षेत्र न केवल नगर क्षेत्र से दूर और बाढ़ प्रभावित है, बल्कि इसका इतिहास भी अपराध बेल्ट के रूप में रहा है। ऐसे में यहां विश्वविद्यालय का निर्माण विद्यार्थियों के लिए असुरक्षित होगा। उन्होंने कहा कि मुंगेर विश्वविद्यालय का भविष्य सिर्फ मुंगेर के छात्रों से नहीं, बल्कि शेखपुरा, लखीसराय, जमुई और खगड़िया जैसे जिलों के छात्रों से भी जुड़ा है, इसलिए कैंपस का स्थान ऐसा होना चाहिए जहां सुगम परिवहन सुविधा और सुरक्षित शैक्षणिक माहौल हो।

कामरेड मुरारी प्रसाद ने हाल की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि होली के आसपास नौवागढ़ी के पास नंदलालपुर में पुलिस अधिकारियों की हत्या और मुठभेड़ में तीन पुलिसकर्मियों के घायल होने की घटनाएं इस क्षेत्र की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती हैं। ऐसे में यहां विश्वविद्यालय निर्माण भविष्य के विद्यार्थियों के साथ अन्याय होगा।

संघर्ष समिति ने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय का प्रशासनिक भवन और कैंपस जमालपुर रेलवे स्टेशन के पश्चिमी क्षेत्र में प्रस्तावित भूमि पर ही बने, जहां बेहतर कनेक्टिविटी और सुरक्षित माहौल उपलब्ध है। इस संबंध में संघर्ष समिति ने शहर के व्यापारियों, शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों, सामाजिक संगठनों और छात्र संगठनों से अपील की कि वे 19 मार्च, बुधवार को संध्या 4 बजे श्री मारवाड़ी धर्मशाला, धर्मशाला रोड में आयोजित बैठक में शामिल होकर इस मांग को और अधिक मजबूत करें।

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