पटना

बिहार के चर्चित बृज बिहारी प्रसाद हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाया। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति आर महादेवन की पीठ ने इस मामले में लोकसभा के राजद उम्मीदवार और पूर्व विधायक विजय कुमार शुक्ला उर्फ मुन्ना शुक्ला समेत दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने आदेश दिया कि मुन्ना शुक्ला और मंटू तिवारी 15 दिनों के भीतर आत्मसमर्पण करें।

इस मामले में 22 अगस्त को हुई सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे 3 अक्टूबर को सुनाया गया। बृज बिहारी प्रसाद की पत्नी और पूर्व भाजपा सांसद रमा देवी और सीबीआई की अपील पर यह ऐतिहासिक फैसला आया है।

गौरतलब है कि 13 जून 1998 को पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) में बृज बिहारी प्रसाद की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उत्तर प्रदेश के कुख्यात माफिया श्रीप्रकाश शुक्ला ने एके-47 से गोलियों की बौछार कर बृज बिहारी प्रसाद को मौत के घाट उतार दिया था। घटना के बाद तत्कालीन राजनीतिक माहौल में काफी उथल-पुथल मची थी।

पूर्व सांसद सूरजभान समेत 6 बरी
सुप्रीम कोर्ट ने इस केस में पूर्व सांसद सूरजभान सिंह और राजन तिवारी समेत 6 अन्य आरोपियों को बरी कर दिया है। इससे पहले पटना हाईकोर्ट ने 2014 में सबूतों के अभाव में सभी 8 आरोपियों को बरी कर दिया था, लेकिन रमा देवी और सीबीआई ने उस फैसले को चुनौती दी थी।

राजनीति में सक्रिय हुई रमा देवी
पति की हत्या के बाद रमा देवी ने राजनीति में कदम रखा और आरजेडी के टिकट पर 12वीं लोकसभा का चुनाव जीता। बाद में उन्होंने भाजपा ज्वाइन कर 2009, 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में जीत हासिल की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *