नरवणे की किताब बनी संसद टकराव की वजह, लीक मामले में दिल्ली पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
नई दिल्ली। पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित किताब को लेकर देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। किताब के कथित रूप से ऑनलाइन लीक होने के मामले में दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह मुद्दा हाल ही में संसद के बजट सत्र के दौरान भी तीखी बहस और हंगामे का कारण बना।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जनरल नरवणे की किताब की प्री-प्रिंट कॉपी सोशल मीडिया और कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित होने की जानकारी मिलने के बाद मामला दर्ज किया गया। यह किताब अभी तक आधिकारिक रूप से प्रकाशित नहीं हुई थी और इसके लिए आवश्यक सरकारी मंजूरी भी नहीं मिली थी।
इस विवाद ने उस समय राजनीतिक रूप ले लिया, जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संसद परिसर में इस किताब का हवाला देते हुए सरकार पर सवाल खड़े किए। राहुल गांधी ने चीन के साथ 2020 के लद्दाख गतिरोध और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार की भूमिका पर निशाना साधा। इसके बाद सदन के भीतर और बाहर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
सत्तापक्ष का कहना है कि बिना अनुमति किताब का लीक होना एक गंभीर सुरक्षा उल्लंघन है और इस पर राजनीति करना अनुचित है। वहीं विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार सच्चाई को दबाने की कोशिश कर रही है और इसी कारण किताब को लेकर सख्त रुख अपनाया जा रहा है।