रंगमंच कार्यशाला से निखरी बच्चों की प्रतिभा, रचनात्मकता और आत्मविश्वास को मिला नया आयाम

पटना। नाट्य संस्था रंगम द्वारा मध्य विद्यालय, रानीपुर (पटना) में एक दिवसीय रंगमंच कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का संचालन संस्था के नाट्य निर्देशक संतोष कुमार (रास राज) के नेतृत्व में किया गया, जिसमें बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों को रंगमंच की मूलभूत जानकारी देना तथा उनके व्यक्तित्व, रचनात्मक सोच और मानसिक विकास को प्रोत्साहित करना था। इस दौरान बच्चों को बताया गया कि किस प्रकार एक साधारण कहानी को नाटक में रूपांतरित कर प्रभावशाली ढंग से मंच पर प्रस्तुत किया जाता है। अभिनय की बुनियादी तकनीकों, संवाद अदायगी, अभिव्यक्ति, शारीरिक भाषा और मंच अनुशासन पर विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों की एकाग्रता, अवलोकन क्षमता, कल्पनाशक्ति, टीमवर्क और आत्मविश्वास को विकसित करने के लिए विभिन्न रोचक थिएटर गेम्स और व्यावहारिक गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इन गतिविधियों में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। साथ ही उन्हें अनुशासन, सहयोग, समय के महत्व और सामूहिक कार्य की भावना जैसे जीवनोपयोगी मूल्यों से भी अवगत कराया गया।

कार्यशाला में विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री संजय कुमार सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएँ उपस्थित रहीं। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि रंगमंच केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों के मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास का एक प्रभावी साधन है। इससे बच्चों में आत्मविश्वास, संवाद कौशल और सकारात्मक सोच का विकास होता है।

अंत में बच्चों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कार्यशाला को रोचक, ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताया। संस्था रंगम ने भविष्य में भी विद्यालयों में ऐसी शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक कार्यशालाओं के आयोजन की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

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