रोहतास नाट्य महोत्सव के दूसरे दिन लोक रंगों की छटा, ‘आख़िर कब तक’ ने झकझोरा समाज का मन
रोहतास।
तीन दिवसीय रोहतास नाट्य महोत्सव का द्वितीय दिवस गुरुवार, 26 मार्च 2026 को इंपीरियल बैंक्विट हॉल, मोकर में उत्साह और सांस्कृतिक रंगों के साथ संपन्न हुआ। 25 मार्च से शुरू हुआ यह महोत्सव 27 मार्च तक चलेगा। आयोजन रेनबो, रोहतास द्वारा कला संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार के सौजन्य से किया जा रहा है।
दूसरे दिन कार्यक्रम की शुरुआत रस-रंग, पटना की ओर से प्रस्तुत लोक नृत्यों से हुई, जिसमें झूमर, सोहर, डोमकच, जट-जतिन और कजरी जैसे पारंपरिक नृत्यों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों में रेणु कुमारी, सेजल कुमारी, प्रिया सिंह, पूजा कुमारी, दीपशिखा, राकेश कुमार चौधरी और आदित्य कुमार ने अपनी प्रस्तुति से लोक संस्कृति की जीवंत झलक पेश की।

इसके बाद राजू रंजन एवं दल ने लोक गायन की प्रभावशाली प्रस्तुति दी। नाल वादन पर राकेश कुमार चौधरी और झाल पर आदित्य कुमार ने संगत कर कार्यक्रम को और भी संगीतमय बना दिया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रेनबो, रोहतास द्वारा प्रस्तुत नाटक ‘आख़िर कब तक’ रहा। रणधीर कुमार द्वारा लिखित इस नाटक का निर्देशन निशा कुमारी ने किया, जबकि परिकल्पना राज कपूर की थी। नाटक में तन्नू कुमारी, तन्नु प्रिया, आयुष कुमार, सूरज कुमार, अनुराग कुमार, रेणु कुमारी, वैष्णवी कुमारी, देवेंद्र कुमार झा, रमेश चंद्र जेटली, श्रेया कुमारी और विकेश कुमार सहित कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया।

कथा सार:
नाटक ‘आख़िर कब तक’ महिला सशक्तिकरण जैसे गंभीर सामाजिक विषय पर आधारित है। इसमें समाज में महिलाओं के प्रति हो रहे अत्याचार, भेदभाव और यौन हिंसा की घटनाओं को बेहद मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया गया। नाटक ने दर्शकों के सामने यह सवाल खड़ा किया कि महिलाओं के खिलाफ जारी अन्याय आखिर कब तक सहा जाएगा।

प्रस्तुति ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया और एक संवेदनशील एवं न्यायपूर्ण समाज की आवश्यकता पर सोचने को मजबूर कर दिया, जहां महिलाओं को समान अधिकार और सम्मान मिल सके।
कार्यक्रम का सफल संचालन एवं उद्घोषणा सत्यम मिश्रा द्वारा की गई।