एपेक्स थिएटर, कोलकाता में ‘3 Voids’ का असरदार मंचन: तीन बहनों की दर्दभरी कहानी ने दर्शकों को किया भावुक
कोलकाता।
पटना रंगम के बैनर तले प्रस्तुत नाटक ‘3 Voids’ का मंचन कोलकाता के एपेक्स थिएटर में प्रभावशाली अंदाज में किया गया। संवेदनाओं से ओत-प्रोत इस प्रस्तुति ने अपने मजबूत कथानक, बारीक निर्देशन और सजीव अभिनय के जरिए दर्शकों को भावुक कर दिया। निर्देशक दिव्यदूत रॉय चौधरी ने सामाजिक यथार्थ और मानवीय रिश्तों की जटिलता को मंच पर गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ उकेरा।
नाटक की कहानी शहर के एक शांत मोहल्ले में रहने वाली तीन बहनों के इर्द-गिर्द घूमती है। वर्ष 1999 की काली पूजा के दौरान हुए एक हादसे के बाद दो बहनों का मानसिक संतुलन बिगड़ जाता है, जबकि तीसरी बहन अपने सपनों और निजी जीवन का त्याग कर उनकी देखभाल में खुद को समर्पित कर देती है।

घटना के वर्षों बाद भी दोनों बहनें उस भयावह अतीत की यादों से बाहर नहीं निकल पातीं। पटाखों की आवाज और धमाके उन्हें आज भी दहला देते हैं। इसी बीच शाहरुख खान के प्रति उनका साझा लगाव उनके जीवन में उम्मीद की किरण बनकर उभरता है। उनके गीत बहनों को डर से उबारकर वर्तमान में जीने की ताकत देते हैं।
नाटक में हास्य, स्मृतियों और गहरे यथार्थ का संतुलित समावेश देखने को मिला। प्रेम, त्याग और जिजीविषा जैसे भावों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करते हुए यह संदेश दिया गया कि कठिन परिस्थितियों में भी रिश्तों की मजबूती इंसान को आगे बढ़ने का हौसला देती है।
अभिनय के स्तर पर श्रीतन्या चक्रवर्ती, मनीषा नस्कर और स्नेहा सरकार ने अपने सशक्त प्रदर्शन से पात्रों को जीवंत कर दिया। तीनों कलाकारों की अभिव्यक्ति और संवाद अदायगी ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा।
संगीत अविज्ञान द्वारा दिया गया, जिसने प्रस्तुति के भावनात्मक पक्ष को और गहराई दी। वहीं बैकस्टेज में दीपा डे, ब्रिटि मुखर्जी और रूपशा नस्कर का योगदान सराहनीय रहा।
नाटक के असिस्टेंट डायरेक्टर एवं प्रोडक्शन मैनेजर निहाल कुमार दत्ता ने पूरे आयोजन को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया, जबकि मंच सज्जा का कार्य रास राज ने प्रभावशाली तरीके से निभाया।

कुल मिलाकर, ‘3 Voids’ एक सशक्त और भावनात्मक प्रस्तुति के रूप में सामने आया, जिसने दर्शकों के मन पर गहरी छाप छोड़ी।
निहाल कुमार दत्ता, TWM न्यूज़