VB-G RAM G योजना पर कांग्रेस का हमला: “राज्यों पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ, बढ़ेगा केंद्रीकरण”

मनरेगा की जगह नई योजना लागू करने से पहले राज्यों से नहीं लिया गया परामर्श, कई राज्यों ने जताई आपत्ति

 Anirudh Narayan, Intern

नई दिल्ली।
कांग्रेस ने केंद्र सरकार की नई ग्रामीण रोजगार योजना VB-G RAM G (विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका मिशन) को लेकर गंभीर चिंता जताई है। पार्टी का कहना है कि यह योजना राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालने के साथ-साथ प्रशासनिक केंद्रीकरण को भी बढ़ावा देगी।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने मनरेगा (MGNREGA) को समाप्त कर इस नई योजना को बिना पर्याप्त चर्चा और राज्यों से परामर्श के संसद में पारित कर दिया। उन्होंने इसे “जल्दबाजी में लिया गया फैसला” बताया।

रमेश के अनुसार, नई योजना में 60:40 के फंडिंग अनुपात (केंद्र : राज्य) के कारण राज्यों पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा। खास बात यह है कि इस मुद्दे पर केवल विपक्षी ही नहीं, बल्कि कुछ भाजपा-शासित राज्यों ने भी चिंता जताई है।

उन्होंने कहा कि कई राज्यों ने योजना के लागू होने से पहले ही इसके प्रावधानों पर आपत्ति जताई है। कुछ राज्यों ने कृषि के चरम मौसम में “ब्लैकआउट पीरियड” का विरोध किया है, जबकि अन्य ने ग्रामीण मजदूरों की मजदूरी बढ़ाने की मांग उठाई है।

कांग्रेस का आरोप है कि मनरेगा, जो संविधान से प्रेरित “काम के अधिकार” की गारंटी देता था, उसकी जगह लाई गई यह योजना केवल “अत्यधिक केंद्रीकरण” और “ग्रामीण श्रमिकों की सौदेबाजी क्षमता को कमजोर” करेगी।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार 1 जुलाई से इस नई योजना को देशभर में लागू करने जा रही है, जिसके तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के रोजगार का वादा किया गया है।

हालांकि विपक्ष लगातार इस योजना का विरोध कर रहा है और “मनरेगा बचाओ” जैसे अभियानों के जरिए इसे वापस लेने की मांग कर रहा है।

VB-G RAM G योजना को लेकर केंद्र और विपक्ष के बीच टकराव तेज होता जा रहा है। जहां सरकार इसे सुधारात्मक कदम बता रही है, वहीं विपक्ष और कई राज्य इसे वित्तीय रूप से चुनौतीपूर्ण और संघीय ढांचे के लिए खतरा मान रहे हैं।

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