असम में बाढ़ की पहली लहर का कहर, 22 हजार से अधिक प्रभावित, 96 गांव जलमग्न; रेल सेवा बाधित
रिपोर्ट: अनिरुद्ध नारायण, इंटर्न
गुवाहाटी/नई दिल्ली।
असम में मानसूनी बारिश के चलते बाढ़ की पहली लहर ने भारी तबाही मचाई है। राज्य के विभिन्न इलाकों में 22,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि करीब 96 गांव पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। बाढ़ के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और कई क्षेत्रों में हालात गंभीर बने हुए हैं।
बाढ़ का सबसे अधिक असर निचले इलाकों और नदी किनारे बसे गांवों पर पड़ा है। जलस्तर बढ़ने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है।
रेल संपर्क पर भी पड़ा असर
तेज बहाव और कटाव के कारण एक रेलवे पुल को नुकसान पहुंचा है, जिससे ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत बस सेवा शुरू की गई है और प्रमुख स्टेशनों पर सहायता केंद्र भी बनाए गए हैं।
फसल और पशुधन को भारी नुकसान
बाढ़ से हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है, वहीं बड़ी संख्या में पशुधन भी इसकी चपेट में आए हैं। नदियों, विशेषकर ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर लगातार खतरे के निशान के ऊपर बना हुआ है, जिससे स्थिति और बिगड़ने की आशंका है।
केंद्र ने दिया हर संभव मदद का आश्वासन
बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्य को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री से बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया और राहत कार्यों में सहयोग का आश्वासन दिया।
सरकार और एजेंसियां अलर्ट पर
राज्य सरकार ने प्रभावित जिलों में राहत कार्य तेज कर दिए हैं। प्रशासन, आपदा प्रबंधन टीम और अन्य एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं ताकि लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके और नुकसान को कम किया जा सके।