ओमान तट के पास अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत, भारत ने जताया कड़ा विरोध
रिपोर्ट: अनिरुद्ध नारायण, इंटर्न
नई दिल्ली: ओमान तट के पास एक तेल टैंकर एमटी सेटेबेलो पर हुए अमेरिकी सैन्य हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई है। इस घटना की पुष्टि केंद्रीय पोत परिवहन मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने गुरुवार को की।
बताया जा रहा है कि जहाज पर कुल 24 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे, जिनमें से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि तीन नाविक हमले के बाद लापता हो गए थे और अब उनके निधन की पुष्टि हो चुकी है।
मृतकों में डेक कैडेट आदित्य शर्मा और इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया शामिल हैं, जबकि एक अन्य वरिष्ठ इंजीनियर का शव कुछ समय तक लापता रहा।
क्यों हुआ हमला?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि टैंकर कथित रूप से ईरान से तेल ले जा रहा था और उसने अमेरिकी निर्देशों का पालन नहीं किया।
हालांकि, जहाज से जुड़े सूत्रों ने इन आरोपों पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
भारत की कड़ी प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद भारत सरकार ने अमेरिका के वरिष्ठ राजनयिक को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। सरकार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में काम कर रहे नागरिक नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
विदेश मंत्रालय ने भी इस हमले की निंदा करते हुए क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई है और शांति बहाली की अपील की है।