‘जंतर-मंतर वापस दो’ के नारे के साथ दिल्ली में मार्च, कई प्रदर्शनकारी हिरासत में

नई दिल्ली। दिल्ली में जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में दोबारा बहाल करने की मांग को लेकर शनिवार को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे। ‘रीक्लेम जंतर-मंतर’ नाम से आयोजित मार्च में लोगों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को वापस लेने की मांग भी उठाई।

जंतर-मंतर तक पहुंचने की कोशिश

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जंतर-मंतर लंबे समय से सार्वजनिक विरोध-प्रदर्शनों का प्रमुख स्थल रहा है और इसे दोबारा निर्धारित प्रदर्शन स्थल का दर्जा मिलना चाहिए। मार्च में शामिल लोगों ने जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।

12 अक्टूबर को बदला गया प्रदर्शन स्थल

दिल्ली पुलिस ने 12 अक्टूबर को जंतर-मंतर को सार्वजनिक प्रदर्शनों के लिए निर्धारित स्थल की सूची से हटा दिया था। इसके स्थान पर प्रदर्शन के लिए रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के CBD मैदान को निर्धारित किया गया है। इस फैसले के बाद विपक्षी दलों और CJP की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई थी।

पहले भी हुई थी कार्रवाई

इससे पहले CJP नेताओं सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे समेत कुछ प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर के बंद गेट को पार कर परिसर में प्रवेश किया था। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था। शिंदे को बाद में जमानत बांड पर रिहा कर दिया गया, जबकि दास और रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया और वे तिहाड़ जेल में हैं।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल से हटाने और लगातार हिरासत में लिए जाने से शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार पर असर पड़ रहा है। वहीं, प्रशासन की ओर से सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए वैकल्पिक प्रदर्शन स्थलों की व्यवस्था की गई है।

TWM News | नई दिल्ली

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