“टेलीग्राम बैन पर गरजे राहुल: ‘ड्रामा बंद करो, छात्रों नहीं माफिया पर वार करो’”
— अनिरुद्ध नारायण, इंटर्न
नई दिल्ली:
टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए इसे “नया ड्रामा” और “गलत दिशा में उठाया गया कदम” बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार असली दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय छात्रों को निशाना बना रही है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “पेपर लीक रोकने के नाम पर टेलीग्राम बैन करना ऐसा है, जैसे चोर को पकड़ने के बजाय पीड़ित के घर पर ताला लगा देना।” उन्होंने सवाल उठाया कि लाखों छात्र वर्षों से टेलीग्राम का इस्तेमाल पढ़ाई, नोट्स और चर्चा के लिए करते हैं, ऐसे में इस प्लेटफॉर्म को बंद करना समस्या का समाधान कैसे हो सकता है।
उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा कि परीक्षा के दिन तमाम सख्ती और दिखावे (थिएट्रिक्स) किए जाएंगे, लेकिन पेपर लीक माफिया के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होगी। उनका कहना है कि सरकार को “ड्रामा छोड़कर असली समस्या की जड़ पर वार करना चाहिए।”
दरअसल, सरकार ने NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर 22 जून तक अस्थायी रोक लगाई है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) का तर्क है कि यह कदम पेपर लीक और धोखाधड़ी के नेटवर्क पर रोक लगाने के लिए उठाया गया है।
हालांकि, विपक्ष का आरोप है कि यह निर्णय छात्रों के हितों के खिलाफ है और इससे असली अपराधियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। राहुल गांधी ने यह भी संकेत दिया कि यदि यही तरीका जारी रहा, तो आगे अन्य प्लेटफॉर्म पर भी प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है, जहां एक ओर सरकार इसे परीक्षा की निष्पक्षता के लिए जरूरी कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे छात्रों पर बोझ डालने वाला फैसला मान रहा है।