दिल्ली में पुलिस की कार्रवाई, नेहा बोरा, योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण हिरासत में; जंतर-मंतर कूच से पहले रोके गए प्रदर्शनकारी
नई दिल्ली, 10 अक्टूबर। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच छात्र नेता नेहा बोरा, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इनके साथ CPI(ML) लिबरेशन के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य को भी हिरासत में लिए जाने की खबर है।
द स्टेट्समैन और अन्य मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर जाने की अनुमति नहीं मिलने के बाद दिल्ली हाट-आईएनए की ओर मार्च किया। पुलिस ने आईएनए मार्केट के आसपास प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की और कई लोगों को हिरासत में लिया।
‘दिल्ली हाट बना हमारा जंतर-मंतर’
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने सोशल मीडिया पर प्रदर्शन स्थल बदलने की जानकारी देते हुए कहा, “दिल्ली हाट हमारा जंतर-मंतर बन गया है।” उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं। वे चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा कड़ी
दिल्ली पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन की सूचना निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनुमति आवेदन के रूप में नहीं दी गई थी और इससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी।
प्रदर्शन को रोकने के लिए जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। इस दौरान कई अन्य राजनीतिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिए जाने की खबर है।
वहीं, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि वे मतदाता सूची और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाना जारी रखेंगे।