दिल्ली में प्रदर्शन पर तेजस्वी यादव का केंद्र पर हमला, बोले- ‘RSS की गुंडागर्दी’, मोहन भागवत से पूछा सवाल
पटना/नई दिल्ली। दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रदर्शन कर रही महिलाओं और युवाओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया। तेजस्वी ने इस मामले पर RSS प्रमुख मोहन भागवत से जवाब मांगा है।
सोमवार, 12 अक्टूबर को प्रकाशित लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को दबाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने RSS पर निशाना साधते हुए कहा कि संगठन के लोगों द्वारा महिलाओं के साथ कथित मारपीट गंभीर सवाल खड़े करती है।
‘देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति’
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति पैदा कर दी गई है। उन्होंने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने का आरोप लगाया।
उन्होंने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। तेजस्वी ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे विरोध और आलोचना से पीछे नहीं हटेंगे।
दिल्ली में विपक्षी प्रदर्शन को लेकर विवाद
यह विवाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच सामने आया है। विपक्षी दलों ने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए हैं और कार्रवाई की मांग की है।
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान महिलाओं, छात्रों और अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया। हालांकि, पुलिस कार्रवाई और कथित मारपीट को लेकर तेजस्वी के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प
तेजस्वी यादव ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती के अवसर पर भी अपने विचार रखते हुए कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोकतंत्र के बुनियादी अधिकार हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए विपक्ष अपना आंदोलन जारी रखेगा।