दिल्ली में CJP नेताओं की फिर हिरासत, जंतर-मंतर में प्रवेश के बाद पुलिस की कार्रवाई
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी विरोध के बीच कॉकroach जनता पार्टी (CJP) के नेताओं को दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को एक बार फिर हिरासत में ले लिया। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया के जरिए यह दावा किया कि सौरव दास, आशुतोष रांका, अजिंक्य शिंदे और संगठन के अन्य सदस्यों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी के सदस्य राष्ट्रीय ध्वज लेकर जंतर-मंतर पहुंचे थे। दिपके ने आरोप लगाया कि पुलिस ने वहां पहुंचने के बाद पार्टी नेताओं को हिरासत में लिया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि विरोध की आवाज को प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कोशिश
CJP के नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं के विरोध में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को रद्द करने की मांग कर रही है।
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद CJP ने पुलिस से प्रदर्शन के लिए तारीख और समय निर्धारित करने की मांग की थी।
पहले भी हिरासत में लिए गए थे नेता
10 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचने पर CJP संस्थापक अभिजीत दिपके और पार्टी नेताओं सौरव दास तथा आशुतोष रांका को हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया था। अगले दिन कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने उन्हें एक वर्ष तक शांति बनाए रखने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया था।
इसके बावजूद संगठन ने प्रदर्शन जारी रखने का संकेत दिया। पार्टी का कहना है कि वह चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ अपना अभियान जारी रखेगी।
चुनाव आयोग के खिलाफ जारी है विरोध
CJP का आरोप है कि SIR के कारण मतदाता सूची से पात्र नागरिकों के नाम हटने का खतरा है। संगठन ने चुनाव आयोग की जवाबदेही तय करने और मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। हालांकि, ये संगठन के आरोप हैं और संबंधित मामलों में पुलिस तथा प्रशासन का पक्ष अलग हो सकता है।
दिल्ली में प्रदर्शन स्थलों पर लागू प्रतिबंधों और पुलिस कार्रवाई के बीच अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि CJP अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाती है।