दिवाली-छठ से पहले बिहार को केंद्र की बड़ी सौगात, 10,845 करोड़ रुपये जारी
केंद्रीय करों में हिस्सेदारी की राशि पांच दिन पहले हुई जारी, यूपी के बाद बिहार को मिला सबसे बड़ा हिस्सा; सीएम सम्राट चौधरी ने पीएम मोदी का जताया आभार
पटना। दीपावली और छठ महापर्व से पहले केंद्र सरकार ने बिहार को बड़ी वित्तीय राहत दी है। केंद्र ने राज्यों को मिलने वाले कर हस्तांतरण की नियमित मासिक किस्त के तहत बिहार के लिए 10,845 करोड़ रुपये जारी किए हैं। यह राशि 10 नवंबर को जारी होनी थी, लेकिन त्योहारों को देखते हुए इसे पांच दिन पहले यानी 5 नवंबर को ही राज्यों के खातों में हस्तांतरित कर दिया गया।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि त्योहारों से पहले मिली यह राशि राज्य की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के साथ विकास योजनाओं को गति देने में मददगार साबित होगी।
यूपी के बाद बिहार को मिला सबसे अधिक हिस्सा
केंद्रीय वित्त मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, नवंबर की किस्त के तहत देश के 28 राज्यों को कुल 1,09,019 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसमें उत्तर प्रदेश को सबसे अधिक 19,208 करोड़ रुपये मिले हैं, जबकि बिहार 10,845 करोड़ रुपये के साथ दूसरे स्थान पर है। मध्य प्रदेश को 8,010 करोड़ और पश्चिम बंगाल को 7,866 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं को मिलेगी गति
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि केंद्र से प्राप्त राशि का उपयोग राज्य की आवश्यक वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के साथ आधारभूत संरचनाओं के विस्तार, जनकल्याणकारी योजनाओं और पहले से चल रही विकास परियोजनाओं को मजबूती देने में किया जाएगा। उन्होंने केंद्र और राज्य के साझा प्रयासों को विकसित एवं समृद्ध बिहार के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
अक्टूबर में भी मिली थी अतिरिक्त किस्त
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 31 अक्टूबर 2026 को भी राज्यों को 1,09,019 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कर हस्तांतरण किस्त जारी की थी। उस किस्त में भी बिहार के हिस्से में 10,845 करोड़ रुपये आए थे। इसके बाद नवंबर की नियमित किस्त भी समय से पहले जारी की गई। इस प्रकार दोनों किस्तों को मिलाकर बिहार को कुल 21,690 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।
क्या है कर हस्तांतरण की व्यवस्था?
केंद्र सरकार केंद्रीय करों से प्राप्त राजस्व का निर्धारित हिस्सा राज्यों को देती है। इसे कर हस्तांतरण (Tax Devolution) कहा जाता है। इस राशि का आवंटन वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर होता है। राज्य सरकारें इसका उपयोग अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार विकास कार्यों, प्रशासनिक जरूरतों और जनकल्याणकारी योजनाओं में कर सकती हैं।