पटना में दरोगा अभ्यर्थियों का हंगामा, बैरिकेडिंग तोड़ CM आवास की ओर बढ़े प्रदर्शनकारी; कई हिरासत में
पटना। बिहार में दरोगा भर्ती की मुख्य परीक्षा रद्द किए जाने के विरोध में गुरुवार को अभ्यर्थियों का गुस्सा राजधानी की सड़कों पर फूट पड़ा। अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च निकाला। जेपी गोलंबर पर पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने लगे, जिसके बाद पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
गांधी मैदान से निकला मार्च, डाकबंगला तक पहुंचा प्रदर्शन
प्रदर्शन की शुरुआत गांधी मैदान के गेट नंबर-10 से हुई। अभ्यर्थियों ने जेपी गोलंबर, डाकबंगला चौराहा और अन्य प्रमुख रास्तों से होते हुए मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचने की योजना बनाई थी। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग कर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया था।
जेपी गोलंबर पर रोके जाने के बाद कुछ अभ्यर्थियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और आगे बढ़ने लगे। इसके बाद डाकबंगला चौराहे पर भी पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और पुलिस ने उन्हें हटाकर हिरासत में लिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर वाटर कैनन और दंगा नियंत्रण वाहन भी तैनात किए गए।
1,799 पदों की भर्ती, 10,789 अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में
दरोगा भर्ती के तहत 1,799 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही थी। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) ने 23 सितंबर को मुख्य परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया था। इसके बाद से अभ्यर्थी लगातार विरोध जता रहे हैं।
अभ्यर्थियों का कहना है कि मुख्य परीक्षा में सफल होने के बाद वे शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) की तैयारी कर रहे थे। ऐसे में परीक्षा रद्द होने से उनकी मेहनत और भविष्य पर असर पड़ा है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, मुख्य परीक्षा में सफल 10,789 अभ्यर्थी इस फैसले से प्रभावित हुए हैं।
परीक्षा रद्द करने का फैसला वापस लेने की मांग
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि मुख्य परीक्षा रद्द करने का फैसला वापस लिया जाए और भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। वे शारीरिक दक्षता परीक्षा की तारीख जल्द घोषित करने की भी मांग कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों का तर्क है कि यदि परीक्षा में किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई थी, तो उसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए थी। पूरी परीक्षा रद्द करने से उन उम्मीदवारों को भी नुकसान हो रहा है, जिन्होंने मेहनत से परीक्षा पास की थी।
पुलिस अलर्ट, यातायात पर भी असर
प्रदर्शन को देखते हुए गांधी मैदान, जेपी गोलंबर और डाकबंगला चौराहे समेत प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाई गई। मार्च के कारण शहर के कुछ प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका रही। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले करीब एक महीने से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं निकलने पर उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा।
फिलहाल अभ्यर्थी परीक्षा रद्द करने का फैसला वापस लेने और भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट निर्णय की मांग कर रहे हैं।