बिहार और भगवान श्रीराम पर टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर बरसे संजय सरावगी, सार्वजनिक माफी की मांग
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने राजेंद्र पाल गौतम के बयान को बताया बिहारवासियों का अपमान, बोले- कांग्रेस नेताओं की भाषा से उजागर हुई पार्टी की मानसिकता
पटना। बिहार के लोगों और भगवान श्रीराम को लेकर कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम की कथित विवादित टिप्पणी पर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने रविवार को कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं की भाषा बिहार, यहां के लोगों और भगवान श्रीराम के प्रति उनकी सोच को उजागर करती है। सरावगी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से इस बयान पर स्पष्टीकरण देने और बिहार की जनता से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की।
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के एक बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बिहार के लोगों को लेकर टिप्पणी की थी। नितिन नवीन ने राहुल गांधी को कथित तौर पर विदेशी टूलकिट का हिस्सा बताते हुए देश में अस्थिरता पैदा करने का आरोप लगाया था।
इसके जवाब में गौतम ने कहा था कि बिहार के ये गरीब लोग कुछ नहीं जानते और उन्हें जो स्क्रिप्ट दी जाती है, वे उसे पढ़ देते हैं। इस बयान के सामने आने के बाद भाजपा नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है।
बिहार की अस्मिता से जुड़ा बताया मामला
संजय सरावगी ने कहा कि बिहार ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत की धरती है। चाणक्य, आर्यभट्ट, भगवान महावीर, भगवान बुद्ध और लोकनायक जयप्रकाश नारायण जैसी महान विभूतियों ने इस भूमि को पहचान दी है। स्वतंत्रता संग्राम से लेकर लोकतंत्र की रक्षा और राष्ट्र निर्माण तक बिहार के लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
उन्होंने कहा कि बिहारवासियों को अक्षम बताना केवल किसी व्यक्ति पर टिप्पणी नहीं, बल्कि राज्य के करोड़ों मेहनतकश लोगों, युवाओं, किसानों, मजदूरों और प्रतिभाशाली पेशेवरों का अपमान है।
भगवान श्रीराम पर टिप्पणी को लेकर भी जताई आपत्ति
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस नेताओं की ओर से भगवान श्रीराम को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक हैं। उनकी मर्यादा और आदर्श भारतीय समाज के लिए महत्वपूर्ण हैं।
सरावगी ने सवाल उठाया कि क्या बिहार का अपमान करना और करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा बन गया है?
कांग्रेस से सार्वजनिक माफी की मांग
संजय सरावगी ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से पूरे मामले पर अपना रुख स्पष्ट करने और बिहारवासियों के साथ भगवान श्रीराम के करोड़ों श्रद्धालुओं से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि बिहार की पहचान किसी की कृपा पर निर्भर नहीं है, बल्कि यहां के लोगों की प्रतिभा, मेहनत, स्वाभिमान और गौरवशाली इतिहास से बनी है।
इस बयान के बाद बिहार में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के आसार हैं।