बिहार में 2424 किमी लंबी सड़क परियोजनाओं को मंजूरी, 1.64 लाख करोड़ रुपये होंगे खर्च
पटना। बिहार में सड़क संपर्क को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ी संख्या में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को मंजूरी दी है। वार्षिक कार्ययोजना 2026-27 के तहत राज्य में कुल 2424 किलोमीटर लंबी एनएच परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है। इन परियोजनाओं पर करीब 1 लाख 64 हजार 518 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
इन योजनाओं में नए राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के साथ मौजूदा सड़कों का चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण, बाईपास और रेल ओवरब्रिज का निर्माण शामिल है। स्वीकृत योजनाओं में राज्य के पथ निर्माण विभाग से जुड़ी 18 परियोजनाएं करीब 739 किलोमीटर की हैं, जबकि एनएचएआई की 14 परियोजनाओं की कुल लंबाई लगभग 1685 किलोमीटर बताई गई है।
गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से आठ जिले जुड़ेंगे
प्रमुख परियोजनाओं में गोरखपुर-किशनगंज-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे भी शामिल है। इसकी कुल लंबाई 568 किलोमीटर है, जिसमें बिहार का हिस्सा करीब 417 किलोमीटर होगा। यह राज्य के पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज से होकर गुजरेगा।
रामजानकी पथ के नए पैकेज को भी मंजूरी
रामजानकी पथ के पहले और दूसरे पैकेज पर काम पहले से जारी है। अब इसके तीसरे और चौथे पैकेज को भी चालू वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना में शामिल किया गया है। इन दोनों चरणों पर करीब 8600 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
इन प्रमुख मार्गों पर भी काम
स्वीकृत परियोजनाओं में गोरखपुर-किशनगंज-सिलीगुड़ी, रक्सौल-हल्दिया, बक्सर-भागलपुर, रामजानकी पथ, छपरा-बेतिया, पटना नॉर्दन रिंग रोड, नौबतपुर-अरवल-औरंगाबाद-हरिहरगंज, मुजफ्फरपुर-बरौनी और छपरा-रेवाघाट-मुजफ्फरपुर जैसे मार्ग शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार, इन परियोजनाओं के पूरा होने से बिहार में यातायात व्यवस्था बेहतर होने के साथ प्रमुख शहरों और आर्थिक केंद्रों के बीच संपर्क मजबूत होगा। बेहतर सड़क नेटवर्क से माल परिवहन, उद्योग, कारोबार और रोजगार को भी गति मिलने की उम्मीद है।
TWM News | पटना