“भारत छठे स्थान पर फिसला: दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की सूची में गिरावट, IMF रिपोर्ट से हलचल”

रुपये की कमजोरी और जीडीपी गणना में बदलाव बना कारण, फिर भी विकास दर मजबूत

नई दिल्ली, संवाददाता:
भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था की रैंकिंग में एक स्थान नीचे खिसककर छठे स्थान पर पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, भारत 2025 में दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है, जबकि इससे पहले वह पांचवें स्थान पर था।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) डॉलर के हिसाब से कम आंका गया है, जिसकी मुख्य वजह रुपये की कमजोरी और जीडीपी की गणना के आधार वर्ष में बदलाव है। हालांकि, यह गिरावट वास्तविक आर्थिक कमजोरी को नहीं दर्शाती, बल्कि विनिमय दर और आंकड़ों के तकनीकी बदलाव का असर है।

विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था अब भी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। IMF के अनुसार, 2026 में भारत की विकास दर करीब 6.5% रहने का अनुमान है, जो कई विकसित देशों से कहीं अधिक है।

रैंकिंग में बदलाव का एक बड़ा कारण यह भी है कि ब्रिटेन और जापान जैसी अर्थव्यवस्थाएं डॉलर के लिहाज से भारत से आगे निकल गई हैं। भारत की अर्थव्यवस्था जहां लगभग 3.9 से 4.1 ट्रिलियन डॉलर के आसपास है, वहीं ब्रिटेन और जापान इससे थोड़ा आगे बने हुए हैं।

आर्थिक जानकारों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी है और आने वाले वर्षों में भारत फिर से ऊंची रैंकिंग हासिल कर सकता है। IMF के दीर्घकालिक अनुमान के अनुसार, भारत 2027 तक चौथे और 2031 तक तीसरे स्थान पर पहुंच सकता है।

फिलहाल, मजबूत घरेलू मांग, निवेश और सरकारी नीतियों के चलते भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत बनी हुई है, जिससे भविष्य में तेजी से उभरने की उम्मीद बरकरार है।

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