“महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी से सियासी तूफान: पप्पू यादव के बयान पर बवाल, कार्रवाई की मांग तेज”
महिला आयोग का नोटिस, विपक्ष-सरकार आमने-सामने; बयान को बताया ‘महिलाओं की गरिमा पर चोट’
पटना/नई दिल्ली, संवाददाता (TWM News):
बिहार के पूर्णिया से सांसद Pappu Yadav (राजेश रंजन) के महिलाओं को लेकर दिए गए विवादित बयान ने देश की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। उनके बयान के बाद राजनीतिक दलों और महिला संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
क्या है पूरा मामला:
पप्पू यादव ने हाल ही में महिलाओं की राजनीति में भागीदारी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में महिलाएं राजनीति में आगे बढ़ने के लिए समझौता करने को मजबूर होती हैं। उनके इस बयान को लेकर भारी विवाद खड़ा हो गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने यह भी दावा किया कि “90 प्रतिशत महिलाएं बिना बड़े नेताओं के कमरे में जाए राजनीति नहीं कर सकतीं”, जिसे लेकर इसे बेहद आपत्तिजनक और लैंगिक भेदभावपूर्ण बताया जा रहा है।
महिला आयोग सख्त:
बिहार राज्य महिला आयोग ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए पप्पू यादव को नोटिस जारी किया है। आयोग ने उनके बयान को महिलाओं की गरिमा के खिलाफ बताते हुए तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है।
नोटिस में यह भी पूछा गया है कि उनके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश क्यों न की जाए, यहां तक कि लोकसभा सदस्यता रद्द करने की बात भी उठाई गई है।
सियासी घमासान:
इस बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी समेत कई दलों ने कड़ी आपत्ति जताई है और इसे महिलाओं का अपमान बताया है। वहीं, विपक्ष पर भी इस मुद्दे को लेकर दबाव बढ़ गया है।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब महिला आरक्षण से जुड़े संवैधानिक संशोधन विधेयक पर पहले से ही राजनीतिक माहौल गरम है, जिससे इस बयान ने और आग में घी डालने का काम किया है।