महत्वपूर्ण खनिज सुरक्षा पर भारत-इंडोनेशिया की बढ़ी साझेदारी, वैश्विक सप्लाई चेन को मिलेगा नया बल

ऊर्जा, तकनीक और इंडो-पैसिफिक रणनीति में सहयोग बढ़ाने पर जोर

अनिरुद्ध नारायण, इंटर्न

नई दिल्ली: भारत और इंडोनेशिया के बीच महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) और उनकी सुरक्षा को लेकर सहयोग तेजी से गहराता जा रहा है। दोनों देशों ने वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूत बनाने और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है।

जानकारी के अनुसार, भारत और इंडोनेशिया के बीच यह सहयोग विशेष रूप से निकेल, लिथियम और रेयर अर्थ जैसे खनिजों की आपूर्ति को सुरक्षित करने पर केंद्रित है, जो इलेक्ट्रिक वाहनों, सेमीकंडक्टर और स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों के लिए बेहद जरूरी हैं।

दोनों देशों के बीच हुई चर्चाओं में यह भी स्पष्ट हुआ कि इंडोनेशिया, जो दुनिया के प्रमुख खनिज उत्पादक देशों में से एक है, भारत के साथ मिलकर न सिर्फ कच्चे माल की आपूर्ति बल्कि प्रोसेसिंग और तकनीकी विकास में भी साझेदारी बढ़ाना चाहता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह सहयोग ऐसे समय में और महत्वपूर्ण हो जाता है जब वैश्विक स्तर पर खनिज आपूर्ति पर कुछ देशों का दबदबा बना हुआ है और वैकल्पिक सप्लाई चेन विकसित करने की जरूरत महसूस की जा रही है।

इस साझेदारी के तहत दोनों देश निवेश, तकनीकी आदान-प्रदान और मानव संसाधन विकास पर भी काम करेंगे। साथ ही, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में आर्थिक और रणनीतिक संतुलन बनाए रखने में यह सहयोग अहम भूमिका निभा सकता है।

भारत पहले ही अमेरिका, जापान और अन्य देशों के साथ भी महत्वपूर्ण खनिजों को लेकर सहयोग बढ़ा रहा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि देश अपनी ऊर्जा और औद्योगिक जरूरतों को सुरक्षित करने के लिए बहुपक्षीय रणनीति अपना रहा है।

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