महिला आरक्षण कानून पर सियासत तेज, खड़गे का पीएम पर आरोप—“जल्दबाजी में लागू कर रही सरकार”
रिपोर्ट |
नई दिल्ली। महिला आरक्षण कानून (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार इस कानून के क्रियान्वयन में “जल्दबाजी” दिखा रही है और इसका उद्देश्य राजनीतिक लाभ उठाना है।
खड़गे ने कहा कि चल रहे विधानसभा चुनावों के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाया जाना इस बात को और मजबूत करता है कि सरकार इस मुद्दे का इस्तेमाल चुनावी माहौल को प्रभावित करने के लिए कर रही है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताया।
अपने पत्र में खड़गे ने यह भी मांग की कि इस महत्वपूर्ण कानून पर चर्चा के लिए चुनाव समाप्त होने के बाद सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए। उन्होंने कहा कि परिसीमन (Delimitation) जैसे अहम मुद्दे को स्पष्ट किए बिना इस कानून पर सार्थक चर्चा संभव नहीं है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार पर पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्षी दलों को विश्वास में नहीं लिया गया है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि यह कानून 2023 में सर्वसम्मति से पारित हुआ था, लेकिन अब इसके क्रियान्वयन को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं।
गौरतलब है कि संसद का विशेष सत्र 16 अप्रैल से प्रस्तावित है, जिसमें महिला आरक्षण कानून को लागू करने से जुड़े संशोधनों पर चर्चा होने की संभावना है। इस बीच, विपक्ष और सरकार के बीच इस मुद्दे को लेकर टकराव तेज होता नजर आ रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महिला आरक्षण जैसे संवेदनशील और ऐतिहासिक कानून पर सहमति बनाना जरूरी है, लेकिन इसके समय और प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का केंद्र बने रहेंगे।