राहुल गांधी और CJP पर नितिन नवीन का हमला, बोले- विदेशी ताकतों के इशारे पर देश को अस्थिर करने की कोशिश

नई दिल्ली, 10 अक्टूबर। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पर देश में अस्थिरता पैदा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि दोनों समूह विदेशी ताकतों के इशारे पर काम कर रहे हैं और राजनीतिक उद्देश्यों के लिए देश में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।

‘अराजकता फैलाने की होड़ में विपक्ष’

दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए नितिन नवीन ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व वाला INDIA गठबंधन और अरविंद केजरीवाल से जुड़े CJP के लोग देश में अस्थिरता पैदा करने की होड़ में लगे हैं।

उन्होंने इसे ‘अराजकतावादी प्रतिस्पर्धा’ बताते हुए आरोप लगाया कि चुनावों में जनता का समर्थन नहीं मिलने के बाद विपक्षी दल जनादेश को स्वीकार करने के बजाय देश में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।

नवीन ने कहा कि देश की जनता विपक्ष के इरादों को समझती है और ऐसी कोशिशें सफल नहीं होंगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की प्रगति का उल्लेख करते हुए विपक्ष पर विकास को स्वीकार नहीं कर पाने का आरोप भी लगाया।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर सियासी टकराव

भाजपा अध्यक्ष का यह बयान ऐसे समय आया है, जब दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। CJP ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था।

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद कई विपक्षी नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई।

राहुल गांधी ने भी चुनाव आयोग पर उठाए सवाल

इस बीच, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पद पर बने रहने और केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ज्ञानेश कुमार और मौजूदा सरकार के जाने के बाद लोकतंत्र की मरम्मत शुरू होगी।

वहीं, भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक बताते हुए प्रदर्शनकारियों पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास फैलाने का आरोप लगाया है। विदेशी ताकतों से जुड़े नितिन नवीन के आरोपों के समर्थन में रिपोर्ट में कोई विशिष्ट प्रमाण या संबंधित विदेशी संगठन का नाम नहीं बताया गया है।

 

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