राहुल गांधी के ‘मॉक पार्लियामेंट’ पर भाजपा का हमला, सुधांशु त्रिवेदी बोले- अपनी पसंद की संसद में होने का भ्रम पैदा कर रहे हैं

नई दिल्ली। कांग्रेस और INDIA गठबंधन की ओर से आयोजित ‘मॉक पार्लियामेंट’ को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। भाजपा के राज्यसभा सांसद और प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस अपने नेता को सांत्वना देने के लिए ऐसी प्रतीकात्मक संसद आयोजित कर रही है, जिसमें उन्हें अपनी पसंद की संसद में होने का भ्रम हो रहा है।

शनिवार को मीडिया से बातचीत में सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस बार-बार देश में अराजकता पैदा करने की कोशिश में विफल रही है। अब वह अपने नेता राहुल गांधी की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को संतुष्ट करने के लिए ‘मॉक पार्लियामेंट’ का आयोजन कर रही है। उन्होंने विपक्ष पर जनता द्वारा बार-बार नकारे जाने के बाद हताशा में राजनीतिक गतिविधियां करने का आरोप लगाया।

विश्व बैंक की रिपोर्ट का दिया हवाला

भाजपा प्रवक्ता ने भारत में गरीबी कम होने के मुद्दे पर विश्व बैंक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए केंद्र सरकार की नीतियों का बचाव किया। उन्होंने कहा कि देश में अत्यधिक गरीबी में आई गिरावट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की लगातार नीतिगत कोशिशों का परिणाम है।

त्रिवेदी ने विश्व बैंक की 2025 की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2012 से 2023 के बीच भारत में अत्यधिक गरीबी की दर में उल्लेखनीय कमी आई है। उनके मुताबिक, रिपोर्ट में अत्यधिक गरीबी का अनुपात घटकर 2.6 प्रतिशत होने की बात कही गई है।

राहुल गांधी के ‘मृत अर्थव्यवस्था’ वाले बयान पर पलटवार

सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी की भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर की गई ‘मृत अर्थव्यवस्था’ संबंधी टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था को मृत बताने वाले नेता खुद देश की आर्थिक प्रगति को नजरअंदाज कर रहे हैं।

उन्होंने एलन मस्क का उदाहरण देते हुए कांग्रेस पर तंज कसा और कहा कि एक तरफ पार्टी भारत की अर्थव्यवस्था को कमजोर बताती है, वहीं दूसरी तरफ मस्क को भारत आने का निमंत्रण देती है। त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि विपक्ष का रवैया विरोधाभासी है।

वोट चोरी के आरोपों पर आमने-सामने सत्ता पक्ष और विपक्ष

दरअसल, कांग्रेस और INDIA गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कथित चुनावी अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर प्रतीकात्मक ‘सार्वजनिक महाभियोग’ कार्यक्रम आयोजित किया था। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं।

इसके जवाब में भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए चुनाव आयोग का बचाव किया है। दोनों पक्षों के बीच इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

भाजपा के इस हमले से साफ है कि मुख्य चुनाव आयुक्त और मतदाता सूची के मुद्दे पर कांग्रेस तथा भाजपा के बीच टकराव अब संसद से बाहर भी राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बन गया है।

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