अमेरिका ने डुबोया ईरानी नौसैनिक जहाज, मिडिल ईस्ट में युद्ध और तेज

वॉशिंगटन/तेहरान। मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध ने नया मोड़ ले लिया है। अमेरिकी नौसेना ने एक बड़े सैन्य अभियान के तहत ईरान के युद्धपोत को निशाना बनाकर डुबो दिया, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। इस घटना के बाद ईरान और उसके सहयोगियों की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमलों की आशंका भी तेज हो गई है।

रिपोर्टों के अनुसार अमेरिकी पनडुब्बी ने हिंद महासागर में श्रीलंका के तट के पास ईरानी नौसेना के फ्रिगेट IRIS Dena पर टॉरपीडो से हमला किया। हमले में जहाज पूरी तरह डूब गया और कम से कम 80 से अधिक ईरानी सैनिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लापता बताए जा रहे हैं।

बताया जा रहा है कि यह युद्धपोत हाल ही में भारत के विशाखापत्तनम में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास से लौट रहा था। हमले के बाद श्रीलंका की नौसेना ने राहत और बचाव अभियान चलाकर कई नाविकों को समुद्र से सुरक्षित निकाला।

अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने इस कार्रवाई को चल रहे सैन्य अभियान का हिस्सा बताया है, जिसका उद्देश्य ईरान की नौसैनिक और मिसाइल क्षमता को कमजोर करना है। वहीं ईरान ने इस घटना को आक्रामक कार्रवाई बताते हुए जवाबी हमले की चेतावनी दी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना से मिडिल ईस्ट का संघर्ष और व्यापक हो सकता है। पहले से जारी मिसाइल हमलों, हवाई हमलों और समुद्री टकराव के बीच यह घटना क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन गई है।

 

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