कच्चा तेल 120 डॉलर के पार: ईरान तनाव और सप्लाई संकट से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराया खतरा

वॉशिंगटन/नई दिल्ली, एजेंसियां।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है। ब्रेंट क्रूड का दाम 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जो 2022 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।

विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा होरमुज जलडमरूमध्य में सप्लाई बाधित होने की आशंका ने वैश्विक बाजार में घबराहट पैदा कर दी है। अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी की तैयारी और ईरान की प्रतिक्रिया ने तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी है।

जानकारी के मुताबिक, कीमतें कुछ समय के लिए 123 डॉलर के करीब तक पहुंचीं और फिलहाल 120 डॉलर के आसपास स्थिर हैं। इस तेजी को रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद का सबसे बड़ा उछाल माना जा रहा है।

होरमुज जलडमरूमध्य, जहां से दुनिया की बड़ी मात्रा में तेल आपूर्ति होती है, वहां संकट गहराने से कई देशों की ऊर्जा सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। भारत, जापान, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश इस स्थिति से सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं।

इस उछाल का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा है। महंगाई बढ़ने, सप्लाई चेन प्रभावित होने और कई देशों के तेल भंडार पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं, जिससे वैश्विक आर्थिक संकट गहरा सकता है।

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