जंतर-मंतर पर नया मोड़: CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने शुरू की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल
नई दिल्ली, 18 जुलाई। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन ने शनिवार को नया मोड़ ले लिया, जब कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। यह कदम उस समय उठाया गया, जब पुलिस ने पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को उनकी बिगड़ती सेहत के चलते अस्पताल में भर्ती करा दिया।
दीपके ने मंच से घोषणा करते हुए कहा कि आंदोलन अब और तेज होगा और समर्थकों से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की। उन्होंने 20 जुलाई को प्रस्तावित ‘संसद मार्च’ को भी जारी रखने का ऐलान किया।
बताया जा रहा है कि वांगचुक पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर थे और उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई अदालत के निर्देश और चिकित्सकीय सलाह के आधार पर की गई।
वहीं, प्रदर्शनकारी संगठनों ने पुलिस पर जबरन कार्रवाई और शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने का आरोप लगाया है। इस विरोध में विभिन्न छात्र संगठनों—AISF, SFI और AISA—के कार्यकर्ता भी शामिल हो गए हैं और लगातार नारेबाजी व प्रदर्शन जारी है।
इस घटनाक्रम के बाद जंतर-मंतर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से स्थल खाली करने की अपील की है। विपक्षी दलों के कई नेताओं ने भी इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया है।
अभिजीत दीपके की भूख हड़ताल ने आंदोलन को नई दिशा दे दी है। अब 20 जुलाई के संसद मार्च पर सभी की नजरें टिकी हैं, जिससे यह विरोध और व्यापक रूप ले सकता है।