“बिना सहमति इलाज नहीं” — वांगचुक की पत्नी का कड़ा ऐलान, अस्पताल में बढ़ा विवाद

नई दिल्ली, 18 जुलाई:
प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन के बीच विवाद और गहरा गया है। वांगचुक की पत्नी गीताांजली जे. आंगमो ने साफ शब्दों में कहा है कि उनके पति का कोई भी इलाज उनकी अनुमति के बिना नहीं किया जाना चाहिए।

बताया जा रहा है कि वांगचुक को उनके अनशन के 21वें दिन दिल्ली के जंतर-मंतर से पुलिस द्वारा हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद उनकी पत्नी अस्पताल पहुंचीं और डॉक्टरों को चेतावनी देते हुए कहा कि “मेरी सहमति के बिना कोई दवा या इलाज शुरू न किया जाए, वरना इसकी जिम्मेदारी संबंधित लोगों की होगी।”

गीताांजली आंगमो ने यह भी दावा किया कि वांगचुक को अस्पताल लाने की जरूरत नहीं थी और वे पहले ठीक थे। उन्होंने इसे अपने अधिकारों का मुद्दा बताते हुए कहा कि बिना परिवार और उनके निजी डॉक्टर की अनुमति के कोई भी चिकित्सकीय हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं है।

वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि वांगचुक को “जरूरी चिकित्सकीय देखभाल” के लिए विशेषज्ञों की सलाह और अदालत के निर्देशों के तहत अस्पताल ले जाया गया।

गौरतलब है कि वांगचुक लंबे समय से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं और इस दौरान उनका वजन काफी घट गया है, जिससे उनकी सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी बहस तेज हो गई है, जहां एक तरफ सरकार के कदम पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है।

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