नेपाल बाढ़ चेतावनी विवाद पर चीन का जवाब, कहा- आरोप ‘पूरी तरह झूठे और भ्रामक’

बीजिंग/काठमांडू। नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के बीच चीन पर समय रहते बाढ़ की चेतावनी नहीं देने के आरोपों को लेकर विवाद बढ़ गया है। चीन ने इन आरोपों को ‘पूरी तरह झूठा और भ्रामक’ बताते हुए खारिज कर दिया है। चीन का कहना है कि ऐसे संकट के समय एक-दूसरे पर आरोप लगाने के बजाय दोनों देशों को राहत और बचाव कार्यों पर ध्यान देना चाहिए।

चीन ने आरोपों को किया खारिज

चीन की ओर से कहा गया है कि नेपाल को समय पर सूचना उपलब्ध कराई गई थी। यह विवाद उन रिपोर्टों के बाद सामने आया, जिनमें दावा किया गया कि तिब्बत की ओर नदी अवरुद्ध होने और बाद में पानी का दबाव बढ़ने की जानकारी नेपाल तक देर से पहुंची।

दूसरी ओर, नेपाल के अधिकारियों के अनुसार उन्हें बुधवार दोपहर करीब 1:35 बजे चीनी पक्ष से नदी के अवरुद्ध होने और बाढ़ के खतरे की सूचना मिली थी। इसके बाद नेपाली एजेंसियों ने प्रभावित इलाकों के लिए चेतावनी जारी की।

अचानक आई बाढ़ ने मचाई भारी तबाही

भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ ने नेपाल के चीन सीमा से लगे इलाकों में भारी तबाही मचाई। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, बाढ़ की वजह ग्लेशियर क्षेत्र में बर्फ और चट्टानों के खिसकने से नदी की एक सहायक धारा के बाधित होने को माना जा रहा है। इसके बाद अचानक पानी का तेज प्रवाह नीचे की ओर आया।

बाढ़ ने सड़क, पुल, जलविद्युत परियोजनाओं और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है। बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं और सैकड़ों लोगों के लापता होने की खबर है।

‘दोषारोपण नहीं, सहयोग जरूरी’

चीन ने दोनों देशों से संकट की इस घड़ी में सहयोग बढ़ाने की अपील की है। चीनी पक्ष का कहना है कि एक-दूसरे पर आरोप लगाने से कोई समाधान नहीं निकलेगा, जबकि सूचना साझा करने और राहत-बचाव में सहयोग से लोगों की जान बचाई जा सकती है।

नेपाल में फिलहाल बचाव अभियान जारी है और प्रशासन प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित निकालने पर ध्यान दे रहा है। वहीं, बाढ़ की चेतावनी समय पर क्यों और कैसे जारी हुई, इसको लेकर उठे सवालों के बीच नेपाल-चीन के बीच सूचना साझा करने की व्यवस्था भी चर्चा के केंद्र में आ गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *