बंगाल चुनाव में हाईटेक निगरानी: AI कैमरों से होगी बूथ की चौकसी, गड़बड़ी पर तुरंत रद्द होगा मतदान

नई दिल्ली/कोलकाता, :
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने इस बार सख्त और हाईटेक रणनीति अपनाने का फैसला किया है। बूथ कैप्चरिंग और चुनावी गड़बड़ी पर लगाम लगाने के लिए AI आधारित कैमरों की निगरानी से लेकर मतदान रद्द करने तक के कड़े कदम उठाए जाएंगे।

चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, सभी मतदान केंद्रों पर AI-सक्षम CCTV कैमरे लगाए जाएंगे, जो रियल टाइम में गतिविधियों की निगरानी करेंगे। अगर किसी बूथ पर कैमरा बंद पाया गया या कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आई, तो तुरंत पुनर्मतदान (री-पोल) का आदेश दिया जा सकता है।

आयोग ने साफ कर दिया है कि इस बार “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाई जाएगी। बूथ कैप्चरिंग, फर्जी मतदान या किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 58A के तहत मतदान रद्द किया जा सकता है।

इतना ही नहीं, अगर रिटर्निंग ऑफिसर की रिपोर्ट में गड़बड़ी की पुष्टि होती है, तो पूरे बूथ का मतदान शून्य घोषित कर दोबारा चुनाव कराया जाएगा। यहां तक कि लगातार गड़बड़ी की स्थिति में पूरे निर्वाचन क्षेत्र में भी मतदान टालने का फैसला लिया जा सकता है।

चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को भी अभूतपूर्व स्तर तक बढ़ा दिया है। करीब 2400 केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की कंपनियां तैनात की जा रही हैं, जिससे यह हाल के वर्षों का सबसे बड़ा चुनावी सुरक्षा ऑपरेशन माना जा रहा है।

इसके अलावा, मुख्य सचिव, डीजीपी और कई वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला कर प्रशासनिक स्तर पर भी सख्ती दिखाई गई है, ताकि चुनाव निष्पक्ष और भयमुक्त तरीके से कराए जा सकें।

चुनाव आयोग ने भरोसा दिलाया है कि इस बार बंगाल में “हिंसा मुक्त, डर मुक्त और पूरी तरह पारदर्शी” चुनाव कराने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

 

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