बिहार के 534 प्रखंडों में पहुंचेगा ‘खेत बचाओ अभियान’, 16 लाख किसानों को जागरूक करने का लक्ष्य; 629 स्कूलों में खुलेंगी मिट्टी जांच लैब
पटना। बिहार में खेती की जमीन की उर्वरता और मिट्टी की सेहत बचाने के लिए राज्य सरकार ने ‘खेत बचाओ, जीवन बचाओ’ अभियान को जन-आंदोलन बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को पटना के ज्ञान भवन में आयोजित ‘खेत बचाओ अभियान-सह-कृषि जनकल्याण संवाद’ कार्यक्रम में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 30 नवंबर 2026 तक चलने वाले इस अभियान को राज्य के सभी 534 प्रखंडों तक पहुंचाया जाएगा। इसके तहत 15 से 16 लाख किसानों को जागरूक करने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम में कृषि मंत्री ने किसानों से सीधा संवाद किया और कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाए और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाया जाए।
हर प्रखंड की दो पंचायतों में लगेंगे जागरूकता शिविर
कृषि मंत्री ने बताया कि रबी मौसम 2026-27 में राज्य के सभी 534 प्रखंडों में अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक प्रखंड की कम से कम दो पंचायतों में विशेष किसान जागरूकता शिविर आयोजित होंगे। इन शिविरों में किसानों को मिट्टी की गुणवत्ता, खेतों की उर्वरता, प्राकृतिक खेती और टिकाऊ कृषि पद्धतियों की जानकारी दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि खेतों की उर्वरता बचाना केवल कृषि विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें किसानों और आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी है। रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
629 स्कूलों में स्थापित होंगी मिनी मिट्टी जांच प्रयोगशालाएं
नई पीढ़ी को मिट्टी संरक्षण से जोड़ने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में बिहार के सभी 38 जिलों के 629 पीएम श्री और राजकीय विद्यालयों में मिनी मिट्टी जांच प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। इन प्रयोगशालाओं में विद्यार्थी मिट्टी के नमूने लेने, उनकी जांच करने और मिट्टी की गुणवत्ता समझने की वैज्ञानिक प्रक्रिया सीख सकेंगे।
कृषि मंत्री के मुताबिक, राज्य के 160 पीएम श्री उच्च विद्यालयों में पहले ही ऐसी प्रयोगशालाएं स्थापित की जा चुकी हैं। इस पहल से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित होने के साथ किसानों और विद्यालयों के बीच भी बेहतर समन्वय बनेगा।
7,275 बैठकों में शामिल हुए 6.19 लाख से अधिक किसान
अभियान के तहत खरीफ मौसम में राज्यभर में 7,275 किसान बैठकों का आयोजन किया गया। इनमें कुल 6,19,436 किसानों ने हिस्सा लिया। खास बात यह रही कि इनमें 2,12,610 महिला किसान भी शामिल थीं। कृषि मंत्री ने इसे मिट्टी संरक्षण और टिकाऊ खेती के प्रति किसानों की बढ़ती भागीदारी बताया।
बीज की गुणवत्ता में गड़बड़ी पर होगी कार्रवाई
किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बीज वितरण और आपूर्ति में किसी भी तरह की अनियमितता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित लोगों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को किसानों तक समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज पहुंचाने का निर्देश दिया।
मुजफ्फरपुर से हुई थी अभियान की शुरुआत
कृषि मंत्री ने बताया कि बिहार में ‘खेत बचाओ अभियान’ की शुरुआत मुजफ्फरपुर से की गई थी। केंद्र सरकार के आह्वान पर 22 अक्टूबर से शुरू हुए देशव्यापी अभियान को बिहार में गांव-गांव तक पहुंचाने की तैयारी है। राज्य सरकार का जोर मिट्टी के प्राकृतिक स्वास्थ्य को बनाए रखने, खेती की लागत कम करने और कृषि को पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर है।
कार्यक्रम में बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार और लघु जल संसाधन विभाग के मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन भी मौजूद रहे। कृषि मंत्री ने कहा कि मिट्टी सुरक्षित रहेगी, तभी खेती टिकाऊ बनेगी और किसानों की समृद्धि का रास्ता मजबूत होगा।