बिहार कैबिनेट के 17 बड़े फैसले, मखाना विकास योजना के लिए 89.80 करोड़ की मंजूरी

पटना, 15 सितंबर। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में 17 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। फैसलों में मखाना उत्पादन और प्रसंस्करण को बढ़ावा देने, ग्रामीण रोजगार, बागवानी, स्वास्थ्य, हवाई कनेक्टिविटी और धार्मिक पर्यटन से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं।

मखाना विकास योजना के लिए 89.80 करोड़

कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मखाना विकास योजना के तहत 89.80 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। योजना के तहत मखाना उत्पादन, बेहतर बीज, किसानों के प्रशिक्षण, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, बाजार और निर्यात व्यवस्था को बढ़ावा देने का प्रावधान है।

बागवानी और ऑयल पाम की खेती को बढ़ावा

ऑयल पाम की खेती को बढ़ावा देने के लिए 2.10 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। वहीं एकीकृत बागवानी विकास मिशन के लिए दो वर्षों की योजना को मंजूरी मिली है, जिसके तहत 78.34 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। फल, फूल, मशरूम और सुगंधित पौधों की खेती को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा।

ग्रामीण परिवारों को 125 दिन रोजगार

कैबिनेट ने बिहार के सभी 38 जिलों में ग्रामीण रोजगार से जुड़ी योजना लागू करने को मंजूरी दी है। इसके तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को साल में 125 दिन तक अकुशल रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान है। योजना के जरिए टिकाऊ ग्रामीण परिसंपत्तियों के निर्माण पर भी जोर दिया जाएगा।

पांच मेडिकल कॉलेजों में 366 पद

स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया। बेतिया, पूर्णिया, मधेपुरा, छपरा और समस्तीपुर के पांच मेडिकल कॉलेजों में 366 सहायक प्राध्यापक पदों पर नियुक्ति का रास्ता साफ किया गया है। नियमित नियुक्ति होने तक संविदा के आधार पर भर्ती का प्रावधान भी बताया गया है।

छोटे शहरों तक बढ़ेगी हवाई कनेक्टिविटी

Modified UDAN योजना के तहत केंद्र, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और बिहार सरकार के बीच एमओयू को मंजूरी दी गई है। इसके जरिए राज्य के छोटे शहरों को हवाई सेवा से जोड़ने और नए हवाई मार्गों को वित्तीय सहायता देने का रास्ता साफ होगा।

विष्णुपद कॉरिडोर के लिए 2520 करोड़

गया के विष्णुपद मंदिर क्षेत्र के विकास के लिए 2520 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। योजना में पार्किंग, घाट, पुल और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के विकास का प्रावधान है। इसके साथ सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना के लिए करीब 996.05 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

जलस्रोतों से गाद हटाने की नीति

कैबिनेट ने बिहार जलस्रोत पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति-2026 को भी मंजूरी दी। इसके तहत नदियों, बराज और जलाशयों से गाद हटाकर जलधारण और जलवहन क्षमता को बेहतर करने का लक्ष्य रखा गया है।

ईंट-भट्ठा कारोबारियों को राहत

ईंट-भट्ठों के 2024-25 तक के बकाये के निपटारे के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना को मंजूरी दी गई है। इसके तहत ब्याज छोड़कर बकाया राशि जमा करने पर राहत देने का प्रावधान है। योजना तीन महीने के लिए लागू रहने की बात कही गई है।

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