बिहार शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, पटना समेत 10 जिलों के DEO बदले, 9 DPO का भी तबादला

सरस्वती कुमारी बनीं पटना की नई जिला शिक्षा पदाधिकारी, योगेश कुमार को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति भेजा गया

पटना। बिहार के शिक्षा विभाग में शुक्रवार को बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया। विभाग ने 10 जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) और नौ जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (DPO) का तबादला कर दिया है। कुल 19 अधिकारियों के स्थानांतरण से संबंधित आदेश जारी कर दिया गया है। सभी अधिकारियों को अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देने का निर्देश दिया गया है।

इस फेरबदल में राजधानी पटना को भी नया जिला शिक्षा पदाधिकारी मिला है। विभागीय मुख्यालय में तैनात सरस्वती कुमारी को पटना का नया DEO बनाया गया है। वहीं, वर्तमान DEO योगेश कुमार को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) में पदस्थापित किया गया है।

इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी

पूर्वी चंपारण के जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार गिरी और नवादा के DEO दीपक कुमार को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति भेजा गया है। सीवान के DEO राघवेंद्र प्रताप सिंह को मुख्यालय के योजना एवं अनुश्रवण कोषांग में सहायक निदेशक बनाया गया है।

सीतामढ़ी के DEO राघवेंद्र मणि त्रिपाठी को सीवान की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के उप सचिव मुकेश कुमार को भागलपुर का नया DEO बनाया गया है, जबकि दिनेश कुमार पासवान को सीतामढ़ी का जिला शिक्षा पदाधिकारी नियुक्त किया गया है।

इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा के उपनिदेशक प्रफुल्ल कुमार मिश्रा को पूर्वी चंपारण तथा सहायक निदेशक सुभाष कुमार को नवादा का नया DEO बनाया गया है।

नौ DPO का भी हुआ तबादला

शिक्षा विभाग ने नौ जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को भी नई जिम्मेदारी सौंपी है। इसके तहत गोपालगंज के DPO विनय कुमार सुमन को खगड़िया भेजा गया है। गया के DPO आनंद कुमार को मुंगेर, नालंदा के विकास कुमार डीएन को औरंगाबाद तथा सीवान के सैयद तारिक सज्जाद को मधेपुरा में पदस्थापित किया गया है।

वहीं, बक्सर के DPO रजनीश कुमार साहू को भागलपुर और नालंदा के भोला कुमार कर्ण को गोपालगंज भेजा गया है। सीवान के कुमार अभिजीत को पूर्वी चंपारण की जिम्मेदारी दी गई है। एससीईआरटी के सहायक निदेशक राजीव कुमार साह और रवि कुमार को जिला कार्यक्रम पदाधिकारी बनाकर बक्सर भेजा गया है।

34 करोड़ रुपये की अवैध निकासी का मामला भी चर्चा में

शिक्षा विभाग में यह प्रशासनिक फेरबदल ऐसे समय हुआ है, जब शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन, मकान किराया भत्ता तथा एरियर के भुगतान में वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। विभागीय समीक्षा में करीब 34 करोड़ 11 लाख 56 हजार रुपये की कथित अवैध निकासी का खुलासा हुआ था। रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें से लगभग 29 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है।

हाल ही में आईएएस अधिकारी सीके अनिल को शिक्षा विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया है। उनके पदभार संभालने के बाद विभागीय कामकाज और वित्तीय मामलों की समीक्षा तेज हुई है। ताजा तबादलों को विभाग में प्रशासनिक बदलाव के महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

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