बेंगलुरु में गूंजा बिहार का गौरव, CM सम्राट चौधरी ने किया बिहार महोत्सव का उद्घाटन

बेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में गुरुवार से चार दिवसीय बिहार महोत्सव 2026 का आगाज हुआ। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने द आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर की मौजूदगी में महोत्सव का उद्घाटन किया। 3 से 6 सितंबर तक चलने वाले इस आयोजन में बिहार की लोक संस्कृति, खान-पान, कला, हस्तशिल्प, पर्यटन और उद्यमिता को दक्षिण भारत के लोगों के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है।

बिहार की संस्कृति और विरासत का प्रदर्शन

बिहार महोत्सव का उद्देश्य राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचाना है। आयोजन स्थल पर बिहारी व्यंजन, मधुबनी पेंटिंग, हस्तशिल्प और अन्य पारंपरिक उत्पादों के स्टॉल लगाए गए हैं। आयोजकों के मुताबिक, महोत्सव में एक लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

उद्घाटन समारोह की शुरुआत बिहार गौरव गान से हुई। इसके बाद बिहार की प्रसिद्ध लोकनृत्य परंपरा झिझिया की प्रस्तुति हुई। कलाकारों ने सिर पर दीप रखकर झिझिया नृत्य पेश किया, जिसने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।

चार दिनों तक होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम

महोत्सव में बिहार की अलग-अलग लोक परंपराओं को मंच दिया गया है। झिझिया, सामा-चकेवा, कजरी और झूमर जैसी लोक कलाओं की प्रस्तुतियां होंगी। प्रसिद्ध लोक गायिका कल्पना पटवारी और लोक गायक सत्येंद्र कुमार संगीत भी कार्यक्रम में प्रस्तुति देंगे।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा योग, ध्यान, आयुर्वेद और वेलनेस से जुड़े सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं। महोत्सव में भजन, शास्त्रीय नृत्य कार्यशालाओं और बच्चों से जुड़े कार्यक्रमों को भी शामिल किया गया है।

सम्राट चौधरी ने प्रवासी बिहारियों से की अपील

उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले बिहारियों से अपनी जन्मभूमि के विकास में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि बिहार को विकास और समृद्धि के नए दौर में आगे ले जाने के लिए बाहर रहने वाले बिहारियों की भागीदारी भी जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य का देश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के समृद्ध होने से विकसित भारत के संकल्प को मजबूती मिलेगी।

श्री श्री रविशंकर ने बिहार में बदलाव का किया जिक्र

श्री श्री रविशंकर ने अपने संबोधन में बिहार में पिछले कुछ दशकों में आए बदलाव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अलग-अलग दौर में बिहार को देखा है और आज का बिहार पहले की तुलना में काफी बदला हुआ है।

उन्होंने अपने पुराने सामाजिक कार्यों का जिक्र करते हुए बताया कि आर्ट ऑफ लिविंग ने बिहार के कुछ चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में संवाद, ध्यान और पुनर्निर्माण से जुड़े प्रयास किए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की कार्यशैली की भी सराहना की।

बेंगलुरु में दिखेगा ‘बिहार का स्वाद’

महोत्सव के दौरान बिहार के पारंपरिक खान-पान और कला को खास तौर पर प्रदर्शित किया जा रहा है। आगंतुकों के लिए बिहारी व्यंजनों के साथ मधुबनी पेंटिंग और हस्तशिल्प के स्टॉल आकर्षण का केंद्र हैं। आयोजकों का कहना है कि इसका मकसद बिहार की संस्कृति को केवल सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तक सीमित रखने के बजाय खान-पान, कला, पर्यटन और आधुनिक उद्यमिता से भी जोड़ना है।

6 सितंबर तक चलेगा आयोजन

बिहार महोत्सव 2026 का आयोजन 3 से 6 सितंबर तक बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में किया जा रहा है। अगले दिनों में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, लोक संगीत, योग, ध्यान, आयुर्वेद और विभिन्न कार्यशालाओं का आयोजन होगा।

आयोजन के जरिए बिहार की संस्कृति को कर्नाटक समेत देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचाने और प्रवासी बिहारियों को अपनी जड़ों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

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