मालवीय नगर अग्निकांड: 6 कमरों की अनुमति, 25 कमरे चला रहा था होटल — बंद बेसमेंट और एक ही निकास बना मौत का कारण

नई दिल्ली, ।
दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में बुधवार सुबह हुए भीषण अग्निकांड ने 21 लोगों की जान ले ली, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। शुरुआती जांच में होटल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जिसने इस हादसे को और भयावह बना दिया।

जानकारी के अनुसार, जिस होटल (फ्लोरिश स्टे बी एंड बी) में आग लगी, उसे केवल 6 कमरों के संचालन की अनुमति मिली थी, लेकिन वहां करीब 25 कमरे चलाए जा रहे थे। हादसे के वक्त होटल में लगभग 40 लोग ठहरे हुए थे।

 बेसमेंट से शुरू हुई आग, निकास मार्ग बना जाल

बताया जा रहा है कि आग सुबह करीब 8:45 बजे बेसमेंट में स्थित रेस्टोरेंट से शुरू हुई और देखते ही देखते पूरी इमारत में फैल गई। होटल में सिर्फ एक ही निकास मार्ग था, जबकि बेसमेंट के बाहर से बंद होने की भी आशंका जताई जा रही है, जिससे लोगों के बाहर निकलने के रास्ते बंद हो गए।

 जान बचाने के लिए कूदे लोग

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब धुआं और आग तेजी से फैलने लगी तो लोगों के पास बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा। कई लोग अपनी जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों से कूद गए। स्थानीय लोगों ने नीचे गद्दे बिछाकर और रस्सियों की मदद से फंसे लोगों को बचाने की कोशिश की।

 40 से ज्यादा लोगों को बचाया गया

दमकल विभाग, पुलिस और आपदा राहत टीमों ने संयुक्त अभियान चलाकर 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। हालांकि 21 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें कई विदेशी नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं।

 कई घायलों की हालत गंभीर

घायलों को शहर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कुछ मरीज वेंटिलेटर पर हैं और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।

जांच शुरू, सख्त कार्रवाई के संकेत

घटना के बाद फॉरेंसिक टीम ने मौके का निरीक्षण शुरू कर दिया है। प्रशासन यह जांच कर रहा है कि होटल ने सुरक्षा मानकों और लाइसेंस नियमों का पालन किया था या नहीं। दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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