बिहार टेंडर घोटाला: IAS योगेश से ED ने 11 घंटे तक की पूछताछ, ऑस्ट्रिया यात्रा के खर्च और ठेकेदार से रिश्तों पर मांगा जवाब
पटना। बिहार के बहुचर्चित टेंडर घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने निलंबित आईएएस अधिकारी योगेश कुमार सागर से करीब 11 घंटे तक पूछताछ की। बुधवार को सुबह 10:30 बजे पटना स्थित ईडी कार्यालय पहुंचे अधिकारी से रात करीब 9:15 बजे तक सवाल-जवाब किए गए। जांच एजेंसी का मुख्य फोकस ठेकेदार रिशु श्री के साथ उनके कथित संबंधों और परिवार की विदेश यात्रा पर हुए खर्च को लेकर रहा।
ईडी यह पता लगाने में जुटी है कि जून 2024 में योगेश कुमार सागर और उनके परिवार के आठ सदस्यों की ऑस्ट्रिया यात्रा का खर्च किसने उठाया था। आरोप है कि इस यात्रा के लिए ठेकेदार रिशु श्री से जुड़ी कंपनी ने भुगतान किया था। 22 से 30 जून के बीच हुई इस यात्रा के दौरान परिवार ने वियना, साल्जबर्ग समेत ऑस्ट्रिया के कई शहरों का भ्रमण किया था।
विदेश यात्रा के खर्च का हिसाब मांग रही एजेंसी
पूछताछ के दौरान ईडी ने विदेश यात्रा की योजना से लेकर टिकट बुकिंग और होटल के भुगतान तक की जानकारी मांगी। जांच अधिकारियों ने यह भी जानने की कोशिश की कि यात्रा का खर्च किस बैंक खाते से चुकाया गया और क्या योगेश या उनके परिवार के किसी सदस्य ने इसमें अपनी ओर से कोई राशि खर्च की थी।
एजेंसी इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि एक निजी ठेकेदार की कंपनी ने किसी वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और उनके परिवार की विदेश यात्रा का खर्च क्यों उठाया। क्या इसके पीछे सरकारी ठेके हासिल करने या किसी अन्य प्रकार का अनुचित लाभ लेने की मंशा थी?
सरकारी ठेकों में भूमिका भी जांच के घेरे में
ईडी ने पूछताछ के दौरान योगेश सागर के कार्यकाल में विभिन्न विभागों को दिए गए ठेकों और निविदा प्रक्रिया से जुड़े सवाल भी किए। उनसे पूछा गया कि किन कंपनियों को ठेके आवंटित किए गए, निविदा की शर्तें तय करने और वित्तीय मंजूरी देने में उनकी क्या भूमिका रही। साथ ही रिशु श्री द्वारा किसी परियोजना या भुगतान को लेकर उनसे सीधे संपर्क किए जाने के बारे में भी जानकारी मांगी गई।
जांच एजेंसी कथित विदेश यात्रा और सरकारी ठेकों के बीच संभावित संबंधों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। हालांकि, इस मामले में लगे आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पहले भी कई IAS अधिकारियों से हो चुकी है पूछताछ
इस मामले में ईडी अब तक बिहार के कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है। इनमें अभिलाषा कुमारी शर्मा, सुनील कुमार यादव, धर्मेंद्र कुमार और संतोष कुमार मल्ल के नाम शामिल हैं। वहीं, आईएएस आनंद किशोर से पूछताछ होना बाकी बताया गया है।
गौरतलब है कि बिहार सरकार ने 30 मई 2026 को योगेश कुमार सागर को निलंबित कर दिया था। इसके बाद 19 जून को विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने उनके पटना स्थित आवास पर छापेमारी की थी। मामले में ठेकेदार रिशु श्री की कंपनी पर सरकारी विभागों में टेंडर हासिल करने के लिए कथित तौर पर अधिकारियों से सांठगांठ करने के आरोप हैं।
ईडी अब विदेश यात्रा के भुगतान, निजी संबंधों और सरकारी निविदाओं से जुड़े दस्तावेजों की जांच के जरिए पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही है।