उत्तर भारत में बदलेगा मौसम का मिजाज, पहाड़ों पर बारिश-बर्फबारी के आसार; दिल्ली में प्रदूषण से बिगड़े हालात
नई दिल्ली। उत्तर भारत में एक बार फिर मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। हालांकि, दिल्ली-एनसीआर समेत मैदानी राज्यों को फिलहाल बारिश से राहत मिलने के आसार कम हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 8 नवंबर तक दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रह सकता है।
दिल्ली में 400 के पार पहुंचा AQI
राजधानी दिल्ली में मौसम से ज्यादा चिंता वायु प्रदूषण को लेकर है। गुरुवार, 5 नवंबर की सुबह चार बजे दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 372 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। वहीं, जहांगीरपुरी में AQI 459 और पंजाबी बाग में 449 तक पहुंच गया। नोएडा के सेक्टर-62 में भी यह 423 दर्ज किया गया।
वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के अनुमान के अनुसार, दिल्ली में 5 नवंबर को हवा की गुणवत्ता बेहद खराब रह सकती है, जबकि 6 और 7 नवंबर को इसके गंभीर श्रेणी में पहुंचने की आशंका जताई गई है।
पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी के आसार
पश्चिमी विक्षोभ का सबसे ज्यादा प्रभाव पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में देखने को मिल सकता है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। इसके विपरीत दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में फिलहाल मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
दिल्ली में अधिकतम तापमान 27 से 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 14 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। अगले सप्ताह तापमान में और गिरावट के साथ सुबह के समय ठंड और कोहरे का असर बढ़ सकता है।
दक्षिण भारत में बारिश का दौर जारी
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जहां मौसम शुष्क रहने का अनुमान है, वहीं दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। आंध्र प्रदेश के तट से गुजरने के बाद कमजोर पड़ा चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ अब कम दबाव वाले क्षेत्र में बदल चुका है। इसके प्रभाव से तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, कर्नाटक और आसपास के क्षेत्रों में 8 नवंबर तक बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है।
मौसम के इस बदलते मिजाज के बीच उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में ठंड बढ़ने के आसार हैं, जबकि दिल्ली-एनसीआर के लोगों को फिलहाल प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद कम है।