रेल कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार, मानसी–सहरसा रेलखंड दोहरीकरण को 499 करोड़ की मंजूरी
अनिरुद्ध नारायण, इंटर्न
पटना। बिहार में रेल ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए भारतीय रेलवे ने मानसी–सहरसा रेलखंड के दोहरीकरण (डबलिंग) परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर करीब 499 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे राज्य में रेल कनेक्टिविटी को नई गति मिलने की उम्मीद है।
करीब 44.40 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड पर फिलहाल सिंगल लाइन होने के कारण ट्रेनों का दबाव काफी अधिक है। मौजूदा समय में इस मार्ग पर क्षमता उपयोग 108 प्रतिशत से भी ज्यादा हो चुका है, जो आने वाले वर्षों में और बढ़ने का अनुमान है।
रेल मंत्रालय के अनुसार, इस रूट पर प्रतिदिन 24 जोड़ी यात्री ट्रेनें संचालित होती हैं, साथ ही गेहूं, मक्का, सीमेंट, उर्वरक, चीनी, नमक और निर्माण सामग्री जैसे आवश्यक वस्तुओं की बड़ी मात्रा में ढुलाई होती है।
दोहरीकरण परियोजना के पूरा होने के बाद इस मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही सुगम होगी, समयपालन में सुधार आएगा और परिचालन संबंधी बाधाएं कम होंगी। इसके साथ ही हर साल लगभग 1.764 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई की क्षमता विकसित होने की संभावना है, जिससे कृषि और निर्माण क्षेत्रों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना न केवल यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित सफर प्रदान करेगी, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगी। यह कदम भारतीय रेलवे की उन योजनाओं का हिस्सा है, जिनके तहत उच्च मांग वाले मार्गों पर क्षमता विस्तार कर भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखा जा रहा है।