लखनऊ में छात्रों का उबाल: परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ सड़कों पर उतरे सैकड़ों अभ्यर्थी
अनिरुद्ध नारायण (इंटर्न)
लखनऊ:
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को सैकड़ों छात्रों और सरकारी नौकरी के अभ्यर्थियों ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए।
प्रदर्शनकारी सुबह से ही शहर के ईको गार्डन में जुटने लगे। इनमें शिक्षक भर्ती, मेडिकल, राजस्व, प्रशासनिक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी शामिल थे।
प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा देशभर में परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक जैसे मामलों को लेकर नाराजगी था। प्रदर्शनकारियों ने इन मुद्दों पर जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई।
यह विरोध प्रदर्शन CJP के देशव्यापी अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत पहले दिल्ली और पुणे में भी इसी तरह के प्रदर्शन किए जा चुके हैं। संगठन का कहना है कि यह आंदोलन छात्रों के भविष्य और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग को लेकर चलाया जा रहा है।
पुलिस प्रशासन के अनुसार, प्रदर्शन की अनुमति एक व्यक्ति द्वारा आवेदन देने के बाद निर्धारित समय (सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक) के लिए दी गई थी। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि अनुमति न मिलने की खबरें भ्रामक थीं।
CJP के संस्थापक अभिजीत डिपके ने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से किया जा रहा है, और आगे भी देश के विभिन्न शहरों में ऐसे प्रदर्शन जारी रहेंगे।
कुल मिलाकर, लखनऊ का यह प्रदर्शन देशभर में उभर रहे छात्र आक्रोश का संकेत माना जा रहा है, जहां युवा परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर अब खुलकर सामने आ रहे हैं।