सरकार ने मानी CJP की मांगें: प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी FIR होंगी वापस, हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई का रास्ता साफ
पटना/नई दिल्ली, संवाददाता।
छात्र आंदोलनों और देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। ‘कॉकरेच जनता पार्टी’ (CJP) ने दावा किया है कि केंद्र सरकार के साथ उसकी वार्ता में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पार्टी के अनुसार सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी प्राथमिकी (FIR) वापस लेने, हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने और भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई न करने पर सहमति जताई है।
CJP के प्रवक्ताओं ने बताया कि सरकार की ओर से इस संबंध में ड्राफ्ट अधिसूचना भी साझा की गई है, जिसमें स्पष्ट रूप से इन कदमों का उल्लेख किया गया है। यह दावा ऐसे समय में आया है जब पार्टी ने चेतावनी दी थी कि यदि 25 जुलाई को हुए समझौते को लिखित रूप नहीं दिया गया तो देशभर में आंदोलन फिर से शुरू किया जाएगा।
इस पूरे विवाद की जड़ हालिया परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दे और कथित अनियमितताएं हैं, जिनको लेकर छात्रों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया था। इन प्रदर्शनों के दौरान कई जगहों पर FIR दर्ज की गईं और लोगों को हिरासत में लिया गया था।
सरकार की ओर से पहले ही संकेत दिए जा चुके थे कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी और दर्ज मामलों को वापस लिया जाएगा। इसके साथ ही गिरफ्तार लोगों की रिहाई की प्रक्रिया भी शुरू करने की बात कही गई थी।
हालांकि, CJP ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह सरकार की ओर से किए गए वादों के पूर्ण क्रियान्वयन पर नजर बनाए रखेगी। यदि तय समय सीमा के भीतर लिखित आश्वासन और कार्रवाई नहीं होती है, तो संगठन फिर से आंदोलन शुरू करने का निर्णय ले सकता है।
(समाचार समाप्त)