19 बैठकों के बाद संसद का मानसून सत्र समाप्त, लोकसभा में 11 विधेयक पारित

नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र गुरुवार को 19 निर्धारित बैठकों के बाद समाप्त हो गया। पूरे सत्र के दौरान विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी के कारण कई बार सदन की कार्यवाही बाधित हुई। लोकसभा में कुल 11 विधेयक पारित किए गए, जबकि प्रश्नकाल भी कई मौकों पर पूरी तरह नहीं चल सका।

सत्र की अंतिम बैठक में विपक्षी सांसदों ने 20 जुलाई को दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाबदेही की मांग की। इसके जवाब में सत्ता पक्ष के सांसदों ने भी नारेबाजी की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सदन में पहुंचने के बाद सदस्यों ने वंदे मातरम् का गायन किया। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।

11 विधेयक हुए पारित

20 जुलाई को शुरू हुए सत्र में 28 विधेयक लंबित थे। सत्र समाप्त होने तक लोकसभा ने 11 विधेयक पारित किए। इनमें कई विधेयकों पर बेहद कम समय चर्चा हुई। एमएसएमई विकास संशोधन विधेयक और कराधान एवं अन्य कानून संशोधन विधेयक को करीब तीन-तीन मिनट की चर्चा के बाद पारित किया गया।

जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक, सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक और केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक पर लगभग चार-चार मिनट चर्चा हुई। वहीं बैंकर्स बुक्स एविडेंस विधेयक और खान एवं खनिज संशोधन विधेयक पर करीब पांच-पांच मिनट चर्चा हुई। ट्रिब्यूनल्स रिफॉर्म्स विधेयक पर 12 मिनट और राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम संशोधन विधेयक पर लगभग 14 मिनट चर्चा हुई।

इसके विपरीत सार्वजनिक परीक्षा कानून पर करीब 11 घंटे चर्चा हुई, जो इस सत्र में सबसे अधिक चर्चा वाले कानूनों में शामिल रहा।

हंगामे के बीच कई विधेयक पारित

कई विधेयक विपक्षी सांसदों की नारेबाजी के बीच ध्वनिमत से पारित किए गए। इससे विधेयकों पर विस्तृत चर्चा का अवसर सीमित रहा। खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक को सत्र के अंतिम दिन राज्यसभा ने भी मंजूरी दे दी।

संसद की कार्यवाही बाधित होने का असर प्रश्नकाल पर भी पड़ा। 10 अगस्त तक लोकसभा लगातार तीन सप्ताह प्रश्नकाल पूरा नहीं कर सकी थी। सत्र के दौरान यह 16वां अवसर था जब प्रश्नकाल पूरा नहीं हो पाया।

विपक्ष ने उठाए कई मुद्दे

विपक्ष ने सत्र के दौरान नीट-यूजी विवाद, अयोध्या में राम मंदिर को मिलने वाले चंदे से जुड़े आरोप और प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई सहित कई मुद्दों पर चर्चा की मांग की। सरकार ने छात्रों के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार होने की बात कही। गृह मंत्री अमित शाह ने भी बहस में शामिल होकर विपक्ष के सवालों का जवाब देने की पेशकश की, लेकिन विपक्ष उनके इस्तीफे की मांग पर कायम रहा।

लोकसभा की उत्पादकता 19 फीसदी

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के अनुसार, सत्र के दौरान लोकसभा की उत्पादकता 19 प्रतिशत, जबकि राज्यसभा की उत्पादकता 39 प्रतिशत रही। वहीं, विपक्ष के तीखे विरोध के बाद एफसीआरए संशोधन विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति के पास भेज दिया गया, जिससे सांसदों और संबंधित पक्षों को इसके प्रावधानों की विस्तृत समीक्षा का अवसर मिलेगा।

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