ऐतिहासिक फैसला: पटना में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक, बिहार चुनाव में जीत की रणनीति पर मंथन

पटना, संवाददाता।
कांग्रेस पार्टी ने बुधवार को पटना स्थित ऐतिहासिक सदाक़त आश्रम में अपनी विस्तारित कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक आयोजित की। इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत तक़रीबन 170 सदस्य शामिल हुए। स्वतंत्रता संग्राम के दिनों में गांधी, नेहरू और डॉ. राजेंद्र प्रसाद जैसे नेताओं की रणनीति का केंद्र रहा यह आश्रम 85 साल बाद कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक का गवाह बना।

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी ने इस बैठक को अहम मोड़ माना है। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि तेलंगाना की तरह ही बिहार में भी जनता के बीच उम्मीद और भरोसे का माहौल बनाया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार बैठक में “वोट चोरी” के मुद्दे और चुनाव आयोग द्वारा जारी विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) पर गहरी चिंता व्यक्त की गई।

राहुल गांधी की हाल की “वोटर अधिकार यात्रा” का भी बैठक में उल्लेख किया गया। इस यात्रा में राहुल ने 16 दिनों में 25 से अधिक ज़िलों की पदयात्रा की और मतदाता सूची में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। कांग्रेस का मानना है कि यह अभियान जनता के बीच पार्टी की पकड़ मज़बूत करेगा और आगामी चुनाव में माहौल को उनके पक्ष में मोड़ेगा।

बैठक में महंगाई, बेरोज़गारी, महिलाओं के खिलाफ अपराध और विदेश नीति की असफलताओं जैसे राष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई। कांग्रेस ने ऐलान किया है कि बिहार के 20 ज़िलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर “घर-घर अधिकार अभियान” शुरू किया जाएगा।

बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने कहा कि “यह लड़ाई स्वतंत्रता संग्राम जैसी है।” वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने याद दिलाया कि स्वतंत्रता सेनानी मौलाना मजहरुल हक ने 1921 में 21 एकड़ भूमि दान देकर इस आश्रम की नींव रखी थी।

कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने बैठक को “उम्मीद और सामाजिक न्याय की राजनीति बनाम नफ़रत और बेरोज़गारी की राजनीति” की जंग करार दिया।

गौरतलब है कि 2023 में कांग्रेस ने तेलंगाना में इसी तरह की सीडब्ल्यूसी बैठक के बाद “गारंटी घोषणाओं” के जरिए चुनावी सफलता हासिल की थी। बिहार में इस बार कांग्रेस महागठबंधन का हिस्सा है और सीट बंटवारे पर वार्ता जारी है।

243 सदस्यीय बिहार विधानसभा का चुनाव अक्टूबर-नवंबर में होने की संभावना है। चुनाव आयोग अगले माह इसकी तारीख़ों की घोषणा कर सकता है। कांग्रेस और महागठबंधन दलों की नज़रें इस चुनाव में नीतीश कुमार नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को सत्ता से हटाने पर टिकी हैं।

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