भारत-यूके संबंधों में नया अध्याय: प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिटिश पीएम कियर स्टार्मर का किया गर्मजोशी से स्वागत

मुंबई/नई दिल्ली। भारत दौरे पर पहुंचे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कियर स्टार्मर का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को गर्मजोशी से स्वागत किया। यह स्टार्मर का भारत का पहला आधिकारिक दौरा है, जिसके तहत वे 125 सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत पहुंचे हैं। इस प्रतिनिधिमंडल में शीर्ष उद्योगपति, विश्वविद्यालयों के कुलपति, उद्यमी और सांस्कृतिक जगत की हस्तियां शामिल हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा—“भारत की ऐतिहासिक यात्रा पर प्रधानमंत्री कियर स्टार्मर का स्वागत है। यूके से अब तक के सबसे बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ उनका आगमन दोनों देशों के बीच साझा समृद्ध भविष्य की दिशा में नया कदम है।”

मुंबई में हुआ औपचारिक स्वागत
स्टार्मर का विमान जब मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा, तो महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तथा अजित पवार ने उनका स्वागत किया। विदेश मंत्रालय ने इस अवसर को भारत-यूके संबंधों के “एक नए सशक्त और गतिशील दौर की शुरुआत” बताया।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने बुधवार को मुंबई में भारतीय उद्योग जगत के नेताओं के साथ बातचीत की। इस दौरान एक हल्के-फुल्के माहौल में वे एक डिस्पोजेबल कैमरे से सेल्फी लेते भी नजर आए।

भारत-यूके रणनीतिक साझेदारी पर होगी चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी और उनके ब्रिटिश समकक्ष 9 अक्टूबर को मुंबई में मुलाकात करेंगे। दोनों नेता ‘विजन 2035’ के तहत भारत-यूके व्यापक रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा करेंगे। यह रोडमैप अगले दस वर्षों के लिए व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा, जलवायु, शिक्षा, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक संबंधों जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित है।

दोनों देशों के प्रधानमंत्री ‘भारत-यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते’ (CETA) की संभावनाओं पर भी चर्चा करेंगे, जो भविष्य में दोनों देशों के आर्थिक सहयोग की प्रमुख धुरी माना जा रहा है।

वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी होगी बातचीत
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों नेता क्षेत्रीय स्थिरता, जलवायु परिवर्तन, और वैश्विक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विचार-विमर्श करेंगे।

राजनयिक सूत्रों का मानना है कि यह यात्रा भारत-यूके संबंधों को नए युग में ले जाएगी, जहाँ सहयोग का दायरा केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शिक्षा, नवाचार और संस्कृति के माध्यम से दोनों लोकतंत्रों को और करीब लाएगा।

—TWM News

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