भारत-अफगानिस्तान संबंधों में नई ऊर्जा : अफगान क्रिकेट और विकास परियोजनाओं को लेकर बढ़े कदम

नई दिल्ली। भारत और अफगानिस्तान के बीच दोस्ती और सहयोग के नए अध्याय की शुरुआत हुई है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और अफगान विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी के बीच शुक्रवार को हुई उच्चस्तरीय वार्ता में भारत ने अफगानिस्तान के विकास और खेलों, विशेषकर क्रिकेट, को मजबूत समर्थन देने की घोषणा की।

बैठक के दौरान भारत ने अफगानिस्तान में छह नई विकास परियोजनाओं की घोषणा की और काबुल में अपने टेक्निकल मिशन को पूर्ण दूतावास का दर्जा देने का निर्णय लिया। जयशंकर ने मुत्ताकी का स्वागत करते हुए कहा कि “भारत और अफगानिस्तान के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्ते समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं। हम इन संबंधों को और गहराई देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

उन्होंने अफगानिस्तान द्वारा पहलगाम आतंकी हमले पर दिखाई गई संवेदना के लिए भी आभार जताया और कहा कि भारत अफगानिस्तान की सुरक्षा और स्थिरता को लेकर सजग है। जयशंकर ने कहा, “खेल, विशेषकर क्रिकेट, दोनों देशों के बीच एक मजबूत सेतु बन चुका है। अफगान क्रिकेटरों की उभरती प्रतिभा ने पूरे एशिया में पहचान बनाई है और भारत इस दिशा में सहयोग को और विस्तार देगा।”

अफगानिस्तान की क्रिकेट टीम हाल के वर्षों में एशियाई क्रिकेट में तेजी से आगे बढ़ी है। 2024 में उसने लगातार चार वनडे सीरीज़ — आयरलैंड, दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश और जिम्बाब्वे के खिलाफ — अपने नाम की हैं। हालांकि, भारत के खिलाफ अफगान टीम अब तक किसी प्रारूप में जीत दर्ज नहीं कर सकी है।

मुत्ताकी का यह भारत दौरा 9 से 16 अक्टूबर तक चलेगा। यह अगस्त 2021 में तालिबान के सत्ता संभालने के बाद किसी अफगान उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की पहली आधिकारिक यात्रा है। इस दौरान दोनों देशों के बीच विकास, आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग को लेकर कई मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने मुत्ताकी को अस्थायी यात्रा छूट प्रदान की है ताकि वे इस पूरे सप्ताह भारत में रह सकें और द्विपक्षीय वार्ताओं में हिस्सा ले सकें। माना जा रहा है कि इस यात्रा से भारत-अफगान रिश्तों में नई गति आएगी और दक्षिण एशिया में आपसी सहयोग की दिशा और मजबूत होगी।

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