बिहार विधानसभा चुनाव : एआईएमआईएम 100 सीटों पर उतारेगी उम्मीदवार, तीसरा मोर्चा बनने की तैयारी तेज

पटना : ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने बिहार विधानसभा चुनाव में तीसरी ताकत के रूप में उभरने की घोषणा की है। पार्टी ने शनिवार को कहा कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में लगभग 100 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। एआईएमआईएम ने साफ किया है कि वह एनडीए और महागठबंधन—दोनों के खिलाफ एक वैकल्पिक राजनीतिक मोर्चा तैयार करने की दिशा में काम कर रही है।

हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली पार्टी बिहार में अपनी पकड़ मजबूत करने के प्रयास में है। राज्य अध्यक्ष अख्तरुल इमान ने कहा, “हमारी योजना 100 सीटों पर चुनाव लड़ने की है। एनडीए और महागठबंधन दोनों को यह समझना होगा कि अब बिहार में एआईएमआईएम की मौजूदगी को नज़रअंदाज नहीं किया जा सकता।”

इमान ने बताया कि पार्टी अन्य समान विचारधारा वाली ताकतों के साथ भी बातचीत कर रही है ताकि एक तीसरे मोर्चे के गठन की संभावना तलाश की जा सके। उन्होंने कहा, “मैंने पहले ही लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव को पत्र लिखकर गठबंधन की इच्छा जताई थी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अब हम स्वतंत्र रूप से अपनी स्थिति मजबूत करेंगे और आने वाले दिनों में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।”

सीमांचल में सबसे मजबूत पकड़ बनाने की रणनीति
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एआईएमआईएम की नज़र बिहार के सीमांचल क्षेत्र पर है, जहां मुस्लिम आबादी करीब 17 प्रतिशत है। ओवैसी ने हाल ही में किशनगंज, अररिया, कटिहार और पूर्णिया जिलों का दौरा किया था ताकि पार्टी के संगठन को और सशक्त किया जा सके।

2020 के अनुभव से सबक लेकर मैदान में उतरी पार्टी
गौरतलब है कि 2020 के विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम ने बसपा और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) के साथ गठबंधन में हिस्सा लिया था और पांच सीटों पर जीत दर्ज की थी। हालांकि बाद में चार विधायक राजद में शामिल हो गए, जिससे अख्तरुल इमान पार्टी के एकमात्र विधायक रह गए।

‘सेक्युलर वोटों को बांटने’ के आरोपों पर पलटवार
एआईएमआईएम पर लगातार यह आरोप लगता रहा है कि वह भाजपा की ‘बी टीम’ के रूप में काम करती है और सेक्युलर वोटों को विभाजित करती है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए इमान ने कहा, “हम किसी की बी टीम नहीं हैं। हमारा उद्देश्य उन वर्गों को आवाज देना है जो दशकों से उपेक्षित रहे हैं। भाजपा और राजद—दोनों ने मुसलमानों को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया।”

दो चरणों में चुनाव, 14 नवंबर को होगी मतगणना
243 सदस्यीय बिहार विधानसभा के लिए मतदान दो चरणों में — 6 और 11 नवंबर को होगा। मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी।

राजनीतिक गलियारों में एआईएमआईएम के इस ऐलान को बिहार की त्रिकोणीय चुनावी लड़ाई की शुरुआत माना जा रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सीमांचल से उठी यह तीसरी ताकत राज्य की पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों को कितना बदल पाती है।

 

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