रायबरेली दलित हत्या कांड पर राहुल गांधी का हमला : बोले – “पीड़ित परिवार को बंदी बनाकर रखा गया, इंसाफ की जगह अत्याचार हो रहा है”
रायबरेली/लखनऊ | संवाददाता
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के फतेहपुर गांव जाकर दलित युवक हरीओम वाल्मीकि के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि “जिस परिवार के साथ अपराध हुआ है, उसी को अपराधी की तरह घर में कैद कर दिया गया है।”
राहुल गांधी ने कहा कि पीड़ित परिवार को न केवल बाहर निकलने से रोका जा रहा है, बल्कि उन्हें बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित रखा गया है। उन्होंने कहा – “परिवार का बेटा मारा गया, हत्या का वीडियो सामने है, फिर भी उन्हें न्याय नहीं मिल रहा। यहां तक कि एक लड़की जिसका ऑपरेशन होना है, उसे भी इलाज की इजाज़त नहीं दी जा रही। यह अमानवीय है।”
राहुल गांधी ने करीब एक घंटे तक वाल्मीकि परिवार से बातचीत की और उनके दर्द को सुना। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ितों को सुरक्षा देने की जगह उन्हें डराने-धमकाने का काम कर रही है। “सरकार को शर्म आनी चाहिए कि जिनके साथ अत्याचार हुआ है, उन्हें ही कैद किया गया है। यह न्याय नहीं, अन्याय है,” राहुल गांधी ने कहा।
योगी सरकार को सीधी चुनौती
कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधे सवाल करते हुए कहा कि “पूरे देश में दलितों पर अत्याचार, बलात्कार और हत्याओं की घटनाएं बढ़ रही हैं। यूपी सरकार से मेरा सवाल है कि क्या वे न्याय देंगे? अपराधियों पर कार्रवाई करेंगे या उन्हें बचाएंगे?”
रायबरेली से सांसद के तौर पर राहुल गांधी ने आश्वासन दिया कि कांग्रेस पार्टी हर स्तर पर इस परिवार के साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा, “जहां-जहां दलितों पर अत्याचार होगा, वहां कांग्रेस पार्टी न्याय की लड़ाई लड़ेगी। हम कानूनी, सामाजिक और मानवीय हर मदद देंगे।”
घटना का पृष्ठभूमि
14 अक्टूबर की रात रायबरेली के फतेहपुर गांव में 35 वर्षीय हरीओम वाल्मीकि की भीड़ ने चोरी के शक में बेरहमी से पिटाई कर दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई। पूरी घटना मोबाइल कैमरे में कैद हुई और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया।
पुलिस ने इस मामले में अब तक 10 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उंचाहार थाने के प्रभारी संजय कुमार को लापरवाही के आरोप में हटाया गया, जबकि पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। हत्या, दंगा और जातीय वैमनस्य फैलाने की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।
तेज हो रही है न्याय की मांग
राहुल गांधी की इस यात्रा के बाद रायबरेली में दलित अत्याचार के मुद्दे ने नया राजनीतिक रूप ले लिया है। सामाजिक संगठनों और विपक्षी दलों ने मांग की है कि इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो और परिवार को सुरक्षा दी जाए।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घटना के विरोध में पूरे प्रदेश में प्रदर्शन की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी ने पीड़ित परिवार को कानूनी सहायता, आर्थिक मदद और मेडिकल सहयोग देने की घोषणा की है।
राहुल गांधी ने जाते-जाते कहा, “यह सिर्फ एक परिवार की लड़ाई नहीं, बल्कि पूरे देश के दलितों की लड़ाई है। इंसाफ ज़रूर मिलेगा, चाहे जितना वक्त लगे।”
इस घटना ने एक बार फिर यूपी में भीड़तंत्र और जातीय हिंसा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें योगी सरकार पर हैं कि वह इस निर्मम दलित हत्या मामले में कितनी जल्दी और कितनी निष्पक्ष कार्रवाई करती है।