तेजस्वी का बड़ा वादा: जीविका दीदियों को मिलेगी स्थायी सरकारी नौकरी, ₹30,000 होगी मासिक सैलरी
महागठबंधन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी ने साधा नीतीश सरकार पर निशाना, बोले— अब बदलाव तय है बिहार में

पटना, संवाददाता।
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन की रणनीति तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने  एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने ऐलान किया कि यदि महागठबंधन की सरकार बनती है, तो ‘सीएम दीदी’ यानी कम्युनिटी मोबिलाइजर के रूप में कार्यरत सभी जीविका दीदियों को स्थायी सरकारी नौकरी दी जाएगी। साथ ही उन्हें कम से कम ₹30,000 प्रति माह वेतन मिलेगा।

तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि आज जीविका दीदियां बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन वर्तमान सरकार ने उनके परिश्रम का कभी सम्मान नहीं किया। उन्होंने नीतीश सरकार पर शोषण का आरोप लगाते हुए कहा कि “इन बहनों से काम तो लिया जा रहा है, लेकिन अधिकार नहीं दिए जा रहे। हमारी सरकार आने पर इन्हें पूरा हक मिलेगा।”

राजद नेता ने कहा कि यह घोषणा किसी भावनात्मक भाषण का हिस्सा नहीं, बल्कि विस्तृत अध्ययन और दीदियों से संवाद के बाद लिया गया निर्णय है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे जो भी वादे कर रहे हैं, उन्हें “हर कीमत पर पूरा किया जाएगा।”

तेजस्वी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मौजूदा सत्ता पक्ष उनकी योजनाओं की नकल कर रहा है और जनता को भ्रमित करने की कोशिश में है। उन्होंने कहा, “सरकार अब महिलाओं से ₹10,000 की वसूली की बात कर रही है, लेकिन यह नहीं बताती कि इससे महिलाओं का क्या भला होगा।”

वहीं, महागठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है। 243 सीटों वाली विधानसभा में गठबंधन ने कुल 254 उम्मीदवार उतार दिए हैं, जिससे कई जगहों पर फ्रेंडली फाइट की नौबत आ गई है।

सूत्रों के अनुसार,

  • कांग्रेस और राजद के बीच सिकंदरा, कहलगांव, सुल्तानगंज, नरकटियागंज और वैशाली सीटों पर आमना-सामना है।
  • वीआईपी और राजद के बीच चैनपुर व बाबूबरही सीट पर सीधी टक्कर बन गई है।
  • वहीं कांग्रेस और सीपीआई के उम्मीदवार बछवाड़ा, करगहर, बिहारशरीफ और राजापाकर सीटों पर एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में हैं।

इन सीटों पर एक ही गठबंधन के दो-दो प्रत्याशी होने से कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति है। प्रचार कार्यालय से लेकर पोस्टर और नारों तक में बंटवारा दिखाई दे रहा है। महागठबंधन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती इन आंतरिक मतभेदों को दूर कर साझा प्रचार को मजबूती देना है।

तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में कहा,
“बिहार की जनता अब ठान चुकी है— इस बार बदलाव निश्चित है। जीविका दीदियों के सम्मान और युवाओं के रोजगार की दिशा में हमारा पहला कदम इस घोषणा के रूप में सामने आया है।”

— रिपोर्ट: TWM न्यूज़, पटना

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