सुपौल में अमित शाह की हुंकार : “कमल और तीर पर वोट देकर बिहार को फिर से जंगलराज में जाने से बचाइए”
— कहा, कोसी-मेची परियोजना से बनेगा बाढ़ मुक्त सुपौल, किसानों को मिलेगा समृद्धि का रास्ता
सुपौल : बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले शनिवार को सुपौल के सिमराही मैदान में आयोजित विशाल जनसभा में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए एनडीए प्रत्याशियों के पक्ष में वोट की अपील की। शाह ने कहा कि बिहार को फिर से “जंगलराज” के अंधकार में लौटने से रोकना है, और इसके लिए जनता को “कमल और तीर” के निशान पर मतदान करना होगा।
सभा में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए अमित शाह ने जोश भरे अंदाज में कहा— “सुपौल वालों! आवाज बुलंद कीजिए — भारत माता की जय! क्या बिहार में मोदी-नीतीश की जोड़ी को फिर से सत्ता में लाना है या नहीं?” उनके इस सवाल पर मैदान जयघोष से गूंज उठा।
शाह ने कहा कि पहले चरण के मतदान में जनता ने एनडीए को भरपूर समर्थन दिया है और अब दूसरा चरण बिहार में विकास की दिशा तय करेगा। उन्होंने कहा कि “राहुल बाबा की दुकान बंद होने वाली है, क्योंकि बिहार के लोग अब भ्रम और भय की राजनीति को नहीं, बल्कि विकास और विश्वास की राजनीति को चुन रहे हैं।”
आरजेडी पर साधा निशाना
अमित शाह ने अपने भाषण में आरजेडी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष फिर से अपराध और अराजकता के दिन लौटाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि “आरजेडी ने जिन उम्मीदवारों को टिकट दिया है, वे उन्हीं चेहरों के वारिस हैं जिन्होंने कभी बिहार को भय, अपहरण और भ्रष्टाचार का केंद्र बना दिया था।”
बाढ़ मुक्त सुपौल का वादा
शाह ने कहा कि केंद्र सरकार कोसी-मेची परियोजना पर तेज़ी से काम कर रही है, जिससे पूरा सीमांचल क्षेत्र बाढ़ की त्रासदी से मुक्त होगा। उन्होंने कहा कि “नेपाल से आने वाली नदियों के जल को नियंत्रित कर खेतों तक पहुंचाने की योजना पर कार्य जारी है, ताकि कोसी क्षेत्र का किसान अब बाढ़ नहीं, बल्कि समृद्धि की फसल काटे।”
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार को “बाढ़ मुक्त, अपराध मुक्त और पलायन मुक्त” बनाने का संकल्प लिया गया है। शाह ने कहा— “यह वही सरकार है जो गरीब के घर में बिजली, गैस और आवास पहुंचाती है; जबकि विपक्ष केवल अपने परिवार की चिंता करता है।”
एनडीए प्रत्याशियों के लिए मांगा समर्थन
सभा में अमित शाह ने निर्मली विधानसभा के प्रत्याशी अनिरुद्ध प्रसाद यादव, पिपरा के विधायक रामविलास कामत और छातापुर से भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार सिंह बबलू को मंच पर बुलाकर जनता से उनके पक्ष में भारी मतों से जीत दिलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि “एनडीए ही बिहार को स्थिर सरकार और विकास की गारंटी दे सकता है।”
धार्मिक धरोहरों को नमन
अपने संबोधन के अंत में शाह ने कहा— “मैं सुपौल की पवित्र धरती को प्रणाम करता हूं — विष्णु धाम, कपिलेश्वर, तिलेश्वरनाथ और ज्वालामुखी मैया के चरणों में नमन करता हूं।” उन्होंने जनता से अपील की कि “इस बार ऐसा जनादेश दीजिए कि बिहार में स्थिर और मजबूत एनडीए सरकार बन सके।”
सभा में भाजपा और जदयू के कई वरिष्ठ नेता मंच पर मौजूद थे, जिनमें ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, सांसद दिलेश्वर कामत, भाजपा नेता सिद्धार्थ नाथ सिंह, जिलाध्यक्ष नरेंद्र कुमार रूसी, जदयू जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव और पूर्व सांसद विश्वमोहन मंडल शामिल थे।
सभा स्थल पर उमड़ी भारी भीड़ ने अमित शाह के भाषण के दौरान बार-बार ‘भारत माता की जय’ और ‘मोदी-नीतीश जिंदाबाद’ के नारे लगाकर माहौल को जोशीला बना दिया।