बिहार विधानसभा को नया अध्यक्ष मिला: प्रेम कुमार सर्वसम्मति से निर्वाचित, सत्ता–विपक्ष ने दी एक सुर में शुभकामनाएँ

पटना, 3 दिसंबर
बिहार विधानसभा में मंगलवार का दिन ऐतिहासिक रहा, जब भाजपा के वरिष्ठ नेता और नौ बार के विधायक प्रेम कुमार को सर्वसम्मति से 18वां विधानसभा अध्यक्ष चुन लिया गया। विशेष बात यह रही कि 2015 के बाद पहली बार अध्यक्ष पद पर किसी सदस्य का निर्विरोध निर्वाचन हुआ।

प्रेम कुमार, जिन्होंने हाल ही में गया जी सीट से लगातार नौवीं बार जीत दर्ज की है, के पक्ष में चार प्रस्ताव आए थे। कार्यवाही की शुरुआत करते हुए प्रो-टेम स्पीकर नरेंद्र नारायण यादव ने बताया कि सभी प्रस्ताव प्रेम कुमार के नाम पर ही थे। पहले प्रस्ताव को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रखा, जिसका समर्थन जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने किया।

निर्वाचन की औपचारिक घोषणा के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने विधानसभा की परंपरा के अनुसार नव-निर्वाचित अध्यक्ष को आसन तक पहुंचाया। इस दौरान सत्ता पक्ष की ओर से “जय श्री राम” और “भारत माता की जय” के नारे गूंजते रहे।

अध्यक्ष पद संभालने के बाद प्रेम कुमार ने सभी दलों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सदन लोकतंत्र का मंदिर है, जहाँ विविध विचारधाराएँ एक साझा लक्ष्य—बिहार के विकास—के लिए मिलती हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि सदन की प्रतिष्ठा और गरिमा कायम रखते हुए वे सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों को समान अवसर देंगे। “जनता का बड़ा जनादेश हमें बड़ी जिम्मेदारी भी देता है। मैं सभी सदस्यों से अपेक्षा करता हूँ कि हम मिलकर बिहार को नई दिशा देंगे,” उन्होंने कहा।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रेम कुमार को “अनुभवी और सरल स्वभाव वाला नेता” बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलेगी। वहीं, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने भी कहा कि उनका विशाल अनुभव विधानसभा के संचालन में अत्यंत लाभदायक सिद्ध होगा।

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अध्यक्ष के चयन पर संतोष जताते हुए कहा कि वे आशा करते हैं कि प्रेम कुमार दोनों पक्षों को साथ लेकर चलेंगे। “विपक्ष सरकार का विरोध नहीं, बल्कि जनता के मुद्दों को सामने रखने का दायित्व निभाता है। हम बेरोज़गारी, पलायन और गरीबी जैसे मुद्दों को सदन में दृढ़ता से उठाते रहेंगे,” उन्होंने कहा।

उल्लेखनीय है कि प्रेम कुमार 1990 से गया जी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और इस दौरान वे मंत्री तथा नेता प्रतिपक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। उपाध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया 4 दिसंबर को आयोजित होगी और नामांकन बुधवार तक लिए जाएंगे।

 

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